तमिलनाडु में आएगी DMK की सुनामी? 223 सीटों का गणित बता रहा कैसे मीलों पीछे हैं विपक्षी पार्टियां

तमिलनाडु में आएगी DMK की सुनामी? 223 सीटों का गणित बता रहा कैसे मीलों पीछे हैं विपक्षी पार्टियां

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव पर बीजेपी की नजर है. इस बार विधानसभा चुनाव में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) भी चुनावी मैदान में ताल ठोकेगी. इसके साथ ही ये मुकाबला और भी रोमांचक हो जाएगा. वहीं अगर हम बात करें बीते चुनावों की तो मौजूदा सत्ताधारी डीएमके के आस-पास भी कोई पार्टी नजर नहीं आ रही है. अगर हम साल 2024 के लोकसभा चुनावों और 2021 के विधानसभा चुनावों को पैमाना मानकर बात करें तो तमिलनाडु में सत्ताधारी DMK पार्टी राज्य में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों में बढ़त के साथ उतरेगी. 

हालांकि, अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के चुनावी मैदान में उतरने से राज्य की पारंपरिक रूप से दबदबा रखने वाली पार्टियों के लिए यह मुकाबला थोड़ा और पेचीदा हो गया है. साल 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनावों के बाद से 2024 के लोकसभा चुनाव ही तमिलनाडु की पार्टियों के लिए सबसे हालिया चुनावी परीक्षा रहे हैं. ये चुनाव इस बात का संकेत देते हैं कि 23 अप्रैल को होने वाले आगामी चुनावों में विभिन्न पार्टियों की स्थिति क्या रहने वाली है.

लोकसभा चुनाव में दिखी थी इंडी गठबंधन की सुनामी

तमिलनाडु की 39 लोकसभा सीटों के लिए हुए 2024 के चुनावों में राज्य की सत्ताधारी DMK के नेतृत्व वाले ‘INDIA’ गठबंधन ने साल 2004 के बाद पहली बार शानदार जीत हासिल की. ​​इस गठबंधन ने 2019 के अपने प्रदर्शन को और भी बेहतर बनाया. 2024 के लोकसभा चुनाव में डीएमके ने इंडी गठबंधन के साथ मिलकर सूबे की कुल 39 सीटों में से 38 सीटों पर जीत दर्ज की. इसके पहले डीएमके ने साल 2019 के लोकसभा चुनाव में बेहतरीन प्रदर्शन किया था. इस चुनाव के बाद आए 2021 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर विपक्षी दलों को दरकिनार करते हुए 234 विधानसभा सीटों में से 153 सीटें जीतकर लंबे समय से सत्ता में रही एआईडीएमके को सत्ता से बेदखल किया. 

क्या कहती है 223 विधानसभा सीटों की गणित?

2024 के लोकसभा नतीजों के विश्लेषण से पता चलता है कि DMK गठबंधन ने 223 विधानसभा क्षेत्रों (हर संसदीय क्षेत्र में कई विधानसभा क्षेत्र शामिल होते हैं) में बढ़त हासिल की. ​​यह आंकड़ा विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों के निशान से कहीं ज्यादा हैं. वहीं, विपक्षी पार्टी AIADMK केवल 8 विधानसभा क्षेत्रों में ही अपनी बढ़त बना पाई और उसका एकमात्र सहयोगी दल अंबुमणि रामदास के नेतृत्व वाली ‘पट्टाली मक्कल काची’ (PMK) ही 3 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाने में सफल रही.

तमिलनाडु लोकसभा 2024 के नतीजे – तमिलनाडु में विधानसभा क्षेत्र स्तर पर

2024 में DMK अब तक की सबसे मजबूत पार्टी रही उसने जिन 22 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, उन सभी पर जीत हासिल की और 125 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई. कांग्रेस ने 52 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई. तमिलनाडु में INDIA गठबंधन के दूसरे सबसे बड़े घटक के तौर पर उसने 9 लोकसभा सीटें जीतीं. सीपीआई, सीपीआई (एम), विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीकेसी), इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल), देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) और मारुमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एमडीएमके) जैसे अन्य सहयोगी दलों ने मिलकर 46 विधानसभा क्षेत्रों में बढ़त बनाई और बाकी बची 8 लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की.

वोट शेयर और जीत का अंतर

कुल वोट शेयर के मामले में DMK को 26.93% वोट मिले, जबकि AIADMK को 20.46% वोट मिले. यह आंकड़ा सीटों की संख्या के मुकाबले कहीं ज्यादा कड़े मुकाबले का संकेत देता है; विधानसभा क्षेत्र स्तर पर वोट शेयर और जीत के अंतर का विश्लेषण करने पर DMK का दबदबा साफ नजर आता है. राज्य के 234 विधानसभा क्षेत्रों में से, 82 क्षेत्रों में पार्टियों को 50% से ज्यादा वोट मिले. जहां DMK को 52 क्षेत्रों में 50% से ज्यादा वोट मिले, वहीं AIADMK सिर्फ एक ही चुनावी क्षेत्र में ही ऐसा कर पाई. कांग्रेस ने भी 15 लोकसभा सीटों में और DMK के अन्य सहयोगी दलों ने 14 लोकसभा सीटों पर यह उपलब्धि हासिल की.

इसके अलावा, जिन 26 लोकसभा सीटों पर जीतने वाली पार्टी का फैसला 10,000 से कम वोटों के अंतर से हुआ, वहां भी DMK और उसके सहयोगी दलों ने 19 सीटों पर बढ़त बनाई, जबकि AIADMK सिर्फ 7 सीटों पर ही आगे रह पाई. इसका मतलब है कि 2024 के चुनावों में कड़े मुकाबले वाली लोकसभा सीटों में भी सत्ताधारी गठबंधन का ही पलड़ा भारी रहा.

2024 लोकसभा चुनाव में फीका रहा AIADMK और सहयोगियों का प्रदर्शन

दरअसल 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में सूबे के प्रमुख विपक्षी दल AIADMK का प्रदर्शन उसके 2021 के विधानसभा चुनावों के प्रदर्शन के मुकाबले काफी कमजोर रहा. 2021 में जहां उसने विधानसभा चुनाव में कुल 66 सीटें जीती थीं, वहीं 2024 के लोकसभा चुनावों में, इन 62 सीटों में से AIADMK को एक विरोधी पार्टी से कम वोट मिले. उसे 36 सीटों पर DMK से, 9 पर कांग्रेस से, 11 पर वामपंथी पार्टियों से और 5 पर अन्य सहयोगियों से हार का सामना करना पड़ा. इसके विपरीत, AIADMK 2024 में केवल 4 ऐसी सीटें ही जीत पाई, जिन पर 2021 में DMK ने कब्ज़ा किया था. AIADMK के सहयोगी BJP और PMK का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा. उन्होंने भी इसी तरह कुल 7 ऐसी सीटें विरोधी पार्टियों के हाथों गंवा दीं, जिन पर उन्होंने 2021 में जीत हासिल की थी.

सबसे मजबूत स्थिति में है DMK?

मौजूदा स्थिति को देखते हुए, और 2024 के लोकसभा चुनावों के नतीजों के आधार पर, DMK के नेतृत्व वाला सत्ताधारी गठबंधन सबसे मज़बूत स्थिति में है. हालांकि, अभिनेता-राजनेता विजय और उनकी पार्टी TVK के चुनावी मैदान में उतरने से स्थिति थोड़ी पेचीदा हो सकती है; यह देखना अभी बाकी है कि TVK किन पार्टियों के वोट-शेयर में सेंध लगा पाती है बशर्ते वह अपने पहले ही चुनाव में कोई खास असर छोड़ने में कामयाब हो पाती है.

Bureau Report

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