इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज 27वां दिन है. अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के बावजूद कोई भी हमले रोकने के लिए तैयार नहीं है. तेल और गैस की लाइफलाइन कहे जाने वाले होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बंद होने के कारण कई देशों में तेल और एलपीजी का संकट गहरा रहा है. ईरान की तरफ से जब यह बयान जारी किया गया कि भारत, रूस और चीन के लिए होर्मुज खुला हुआ है तो करोड़ों लोगों ने राहत की सांस ली. इससे भारत सरकार ने गैस की किल्लत और तेल की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए एक के बाद एक कई कदम उठाए गए हैं. दूसरी तरफ से सरकार का फोकस पीएनजी कंजम्पशन बढ़ाने पर भी है.
एलपीजी को लेकर अब तक क्या-क्या बदला?
एलपीजी सप्लाई में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए पहले सरकार ने सिलेंडर की कीमत में इजाफा किया. कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी को लिमिटेड किया और एलपीजी बुकिंग का टाइम बढ़ाया. सरकार देश के लाखों घरों में खाना तैयार करने का तरीका बदलने वाली पॉलिसी लाई है. सरकार का कहना है जिन इलाकों में पीएनजी (PNG) पहले से उपलब्ध है, वहां पर अनिवार्य रूप से पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट करना होगा. इसके लिए सरकार की तरफ से तीन महीने का समय दिया गया है.
पीएनजी अप्लाई नहीं किया तो कट जाएगा LPG कनेक्शन!
मतलब साफ है आपके इलाके में यदि पीएनजी की सुविधा है और आपने 90 दिन के अंदर कनेक्शन नहीं लिया हो आपकी एलपीजी सप्लाई को बंद किया जा सकता है. दुनिया की एनर्जी सप्लाई का बड़ा हिस्सा होर्मुज से होकर गुजरता है. यहीं से एलएनजी (LNG) की भी सप्लाई होती है. इससे देश में एलपीजी और नेचुरल गैस दोनों की सप्लाई पर गंभीर असर पड़ा है. यह प्रॉब्लम लंबे समय तक रहने वाली है. यही कारण है कि सरकार धीरे-धीरे आयात किये जाने ईंधन पर निर्भरता कम करके घरेलू पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने पर काम कर रही है. आइए जानते हैं पीएनजी को पुश करने के 5 बड़े कारण-
सरकार क्यों कर रही PNG पर फोकस?
> मौजूदा संकट से यह साफ हो गया है कि यदि आप एलपीजी निर्भर हैं तो किसी भी समस्या के कारण लाखों रसोई बिना ईंधन के रह सकती हैं. इसके अलावा पाइपलाइन नेटवर्क से घरेलू गैस सेक्टर, अलग-अलग आयात टर्मिनल को जोड़ा जा सकेगा.
> एलपीजी के मुकाबले ग्राहकों को PNG काफी सस्ती पड़ती है. एलपीजी की सप्लाई के लिये सिलेंडर, ट्रक, बॉटलिंग प्लांट और डीलर नेटवर्क शामिल होता है. एक बार पीएनजी का पाइप आपके घर पर लग जाए तो पूरी सप्लाई चेन इस तरह के खर्च को कम कर देती है. एलपीजी के मुकाबले इस पर 30 से 40 प्रतिशत तक का खर्चा कम होता है.
> सिलेंडर की बुकिंग फिर डिलीवरी का इंतजार करने में चीजें लेट होती हैं. खाना बनाते समय अचानक गैस खत्म होने पर असुविधा भी होती है. पीएनजी का कनेक्शन होने से सिलेंडर खत्म होने का रिस्क नहीं रहेगा.
> सरकार की तरफ से गरीबी रेखा से नीचे वालों के लिए ‘उज्ज्वला योजना’ को शुरू किया गया था. इसमें करोड़ों परिवारों को एलपीजी सिलेंडर पर सब्सिडी दी जाती है. लोग पीएनजी पर शिफ्ट होंगे तो सरकार के ऊपर से धीरे-धीरे सब्सिडी का बोझ कम होगा.
> नेचुरल गैस LPG के मुकाबले ज्यादा स्वच्छ ईंधन है. यह कोयले और लकड़ी के मुकाबले काफी बेहतर है. पीएनजी नेटवर्क का एक्सपेंशन करना पॉल्यूशन कम करने के लिए सरकार की लंबे समय की प्लानिंग का हिस्सा है.
पीएनजी नेटवर्क के एक्सपेंशन के लिए सरकार ने क्या किया?
> सरकार नेचुरल गैस पाइपलाइन को तेजी से हर जगह पहुंचाने की कोशिश कर रही है. बड़ी ट्रांसमिशन लाइन से घर-घर तक कनेक्शन पहुंचाने के लिए नेटवर्क को एक्सपेंड किया जाएगा. ज्यादा से ज्यादा घरों को एलपीजी मुक्त करने के लिए PNG कनेक्शन पर जोर दिया जा रहा है.
> अभी पाइपलाइन बिछाने वाली कंपनियों को अलग-अलग विभाग से मंजूरी के लिए फीस चुकानी पड़ती है. जमीन का एक्सेस नहीं मिलने पर RWA अक्सर काम रुकवा देती है. नए आदेश के बाद इस तरह की दिक्कत नहीं आएंगी.
> ऐसे काफी लोग LPG यूज कर रहे हैं जिनके घर के आसपास पीएनजी कनेक्शन है. सरकार ऐसे लोगों को पीएनजी पर शिफ्ट करना चाहती है क्योंकि PNG घरेलू लेवल पर ज्यादा उपलब्ध है.
> पहले पीएनजी को लेकर अलग-अलग राज्यों और शहरों में नियम अलग थे. नया आदेश पूरे देश में पाइपलाइन बिछाने, चलाने और इसके एक्सपेंशन के लिए सरकार ने स्ट्रक्चर बना दिया है.
आम आदमी के लिए क्या है मतलब?
अब हाउसिंग सोसाइटी या आरडब्ल्यूए पीएनजी पाइपलाइन बिछाने से नहीं रोक सकेंगे. इस बदलाव के बाद ज्यादा से ज्यादा घरों तक पीएनजी कनेक्शन की पहुंच हो सकेगी. पीएनजी को यूज करना ज्यादा आसान और सस्ता है. यह बदलाव करने के पीछे सरकार का मकसद मिडिल ईस्ट को सप्लाई के झटकों से बचाना है. सरकार की मंशा है कि आने वाले समय में किसी भी तरह की समस्या होने पर रसोई में ईंधन की कमी न हो.
PNG पर शिफ्ट होने के लिये 3 महीने का समय
केंद्र सरकार की तरफ से सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर द्वारा गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए नए नियमों को नोटिफाई किया है. ऐसी जगह जहां पर गैस पाइपलाइन / कनेक्शन पहले से उपलब्ध हैं, वहां कस्टमर को तीन महीने में PNG पर स्विच करना होगा. ऐसे कस्टमर जो PNG में बदलने के लिए जवाब नहीं देंगे, उनकी एलपीजी सप्लाई को तीन महीने में रोक दिया जाएगा. ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की तरफ से नोटिस पीरियड खत्म होने पर वहां के निवासियों को एलपीजी सप्लाई बंद करने के बारे में जानकारी देंगी.
Bureau Report
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