कुकर्म के बाद आंखे फोड़ी और निकाल लीं आंतें! 5 साल के मासूम से हुए कांड से कांपा जहानाबाद, अब स्कूल संचालक गिरफ्तार

कुकर्म के बाद आंखे फोड़ी और निकाल लीं आंतें! 5 साल के मासूम से हुए कांड से कांपा जहानाबाद, अब स्कूल संचालक गिरफ्तार

जहानाबाद के गुरुकुल हॉस्टल में 5 साल के मासूम से कुकर्म के बाद बेरहमी से हत्याकांड में पुलिस ने अब बड़ी कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(2), 64(एफ), 70(2), 103 और पॉक्सो एक्ट की धारा 4/6 के तहत केस दर्ज कर लिया है. इस घटना के बाद मुख्य आरोपी स्कूल संचालक तरुण कुमार उर्फ गांधी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. वहीं, हिरासत में लिए गए एक शिक्षक और दो महिला कर्मियों से पूछताछ के बाद उन्हें बॉन्ड पर छोड़ा दिया गया है. स्कूल के एक गार्ड से फिलहाल पूछताछ जारी है. इसके साथ ही स्कूल को सील कर दिया गया है. 

बता दें कि शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले स्कूल और हॉस्टल जब हैवानियत के अड्डे बन जाएं, तो समाज का विश्वास डगमगा जाता है. कुछ ऐसा ही मामला कड़ौना थाना क्षेत्र के मुठेर-लोदीपुर गांव स्थित गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल का है जहां 5 वर्षीय मासूम के साथ हुई बर्बरता ने न केवल बिहार बल्कि पूरी इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. हॉस्टल में महज 5 साल के मासूम छात्र के साथ न केवल कुकर्म किया गया, बल्कि साक्ष्यों को मिटाने और अपनी हैवानियत छिपाने के लिए उसे तड़पा-तड़पा कर मार डाला गया. ​पटना पीएमसीएच में हुए पोस्टमार्टम और परिजनों को दी गई मौखिक जानकारी ने अपराधियों की बर्बरता की पोल खोल दी है. डॉक्टरों के अनुसार, मासूम के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया गया था. दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, मासूम को नुकीली चीजों से गोदा गया, उसकी आंखों और पेट पर गहरे जख्म दिए गए और अंत में धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी गई. 

मासूम के शरीर पर मौजूद निशान कातिलों की क्रूर मानसिकता को उजागर कर रहे हैं. ​मृतक मासूम की मां का विलाप देख हर आंख नम है. उन्होंने महज 5 दिन पहले ही अपने लाडले का नामांकन गुरुकुल हॉस्टल एंड स्कूल में इस उम्मीद के साथ कराया था कि वह अपने बड़े भाई रिशु के साथ सुरक्षित रहकर पढ़ाई करेगा. किसे पता था कि छठे दिन की सुबह उसे बेटे की बीमारी नहीं, बल्कि उसकी मौत की खबर मिलेगी. जब परिजन अस्पताल पहुंचे, तो वहां मासूम का क्षत-विक्षत शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.​ घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा. 

आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को सड़क पर रखकर पटना-गया एनएच-22 को पूरी तरह जाम कर दिया. घंटों तक आवागमन बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर कई किलोमीटर तक वाहनों का रेला लग गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ राजीव रंजन सिन्हा और सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने मौके पर मोर्चा संभाला और काफी मशक्कत के बाद न्याय का भरोसा दिलाकर जाम हटवाया. मृतक बच्चे के पिता के बयान पर कड़ौना थाने में मामला दर्ज किया गया है. 

प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि मासूम के साथ पहले सामूहिक दुराचार किया गया और उसके बाद धारदार हथियार से उसकी निर्मम हत्या कर दी गई. हालांकि, पीड़ित परिवार और ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि यह अकेले एक व्यक्ति का काम नहीं हो सकता. परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की है. वही इस हाई-प्रोफाइल केस का जिम्मा थानाध्यक्ष देवकांत वर्मा को जांच की जिम्मेवारी सौंपी गई है. एसपी अपराजित लोहान खुद घटनास्थल पर जाकर मामले का अनुसंधान करने में जुटे है. 

Bureau Report

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