नईदिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों, सोने पर बढ़ी इम्पोर्ट ड्यूटी, ज्वैलरी सेक्टर की स्थिति और MSME क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है।
दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस महासचिव Randeep Singh Surjewala ने दावा किया कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर औसतन लगभग ₹19.70 प्रति लीटर और डीजल पर ₹15.50 प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी लगाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2014-25 के दौरान एक्साइज ड्यूटी में 21 बार बदलाव किए गए, जिनमें अधिकांश बार बढ़ोतरी की गई। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि एक्साइज ड्यूटी में कटौती के सरकारी दावों का पूरा लाभ आम उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पाया।
कांग्रेस ने 27 मार्च 2026 को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कमी की घोषणा का भी उल्लेख किया। पार्टी का आरोप है कि इन फैसलों का वास्तविक लाभ जनता की बजाय तेल कंपनियों को अधिक मिला।
ज्वैलरी सेक्टर और MSMEs पर चिंता
प्रेस वार्ता के दौरान Randeep Singh Surjewala ने ज्वैलरी सेक्टर की स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत की GDP में ज्वैलरी सेक्टर का लगभग 7% योगदान है, जबकि देश के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी करीब 12% बताई जाती है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, ज्वैलरी एक्सपोर्ट से जुड़े लगभग 85% कारोबार MSME क्षेत्र से संबंधित हैं और इस सेक्टर से करीब 50 लाख कारीगर तथा करोड़ों लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है।
उन्होंने दावा किया कि लंबे समय तक कारोबार प्रभावित रहने की स्थिति में ज्वैलरी सेक्टर और छोटे कारोबारों पर गंभीर असर पड़ सकता है। प्रेस वार्ता में MSME क्षेत्र में बंद होती इकाइयों और रोजगार पर भी चिंता व्यक्त की गई।
गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी और तस्करी पर सवाल
कांग्रेस ने सोने की इम्पोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी को लेकर भी सरकार को घेरा। पार्टी का आरोप है कि अधिक इम्पोर्ट ड्यूटी से गोल्ड स्मगलिंग बढ़ने की आशंका है।
प्रेस वार्ता में दावा किया गया कि जब इम्पोर्ट ड्यूटी 6% थी, तब भी बड़ी मात्रा में सोने की तस्करी के मामले सामने आए थे। कांग्रेस नेता ने कहा कि ज्वैलरी सेक्टर के कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, ड्यूटी बढ़ने से अवैध व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है।
पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों पर हमला
कांग्रेस ने पेट्रोल, डीजल और CNG की बढ़ती कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। पार्टी ने दावा किया कि बीते वर्षों में ईंधन की कीमतों में वृद्धि का असर आम जनता, परिवहन क्षेत्र और छोटे कारोबारों पर पड़ा है।
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद उपभोक्ताओं को अपेक्षित राहत नहीं मिली। कांग्रेस ने सरकार से ईंधन मूल्य निर्धारण और टैक्स संरचना को लेकर जवाब मांगा।
सरकार का पक्ष
वहीं, केंद्र सरकार लगातार यह कहती रही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, वैश्विक बाजार, डॉलर-रुपया विनिमय दर, टैक्स संरचना और परिवहन लागत जैसे कई घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय कारकों से प्रभावित होती हैं।
सरकार का यह भी कहना रहा है कि आर्थिक नीतियों और राजस्व संग्रह के माध्यम से इंफ्रास्ट्रक्चर, कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता दी जाती है।
ईंधन कीमतें, महंगाई, MSME क्षेत्र और ज्वैलरी कारोबार से जुड़े मुद्दे फिलहाल देश की राजनीति और अर्थव्यवस्था में प्रमुख चर्चा का विषय बने हुए हैं।
Report by Mukesh Kumar S
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