टीएमसी के बागी सांसदों को बड़ा झटका, लोकसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस; 7 दिन में दाखिल करना होगा जवाब

टीएमसी के बागी सांसदों को बड़ा झटका, लोकसभा सचिवालय ने भेजा नोटिस; 7 दिन में दाखिल करना होगा जवाब

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद बागी हुए तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी 20 सांसदों को लोकसभा सचिवालय से बड़ा झटका लगा है. सचिवालय ने टीएमसी के सभी बागी 20 सांसदों को अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर अयोग्यता वाली याचिकाओं पर नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. सभी बागियों को सात दिन के भीतर जवाब दाखिल करना है. 

दरअसल, टीएमसी के इन बागी सांसदों पर आरोप है कि ये अपनी मूल पार्टी को छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हो गए. टीएमसी ने माना है कि यह स्वेच्छा से पार्टी की सदस्यता छोड़ना है और दलबदल विरोधी कानून के अंतर्गत अयोग्यता का आधार है. हालांकि, बागी सांसदों ने अपने कदम को वैध करार दे रहे हैं.  ऐसे में ये पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वास्तविक सवाल कोई नोटिस जारी करना नहीं है, बल्कि कार्यवाही को तय सीमा के भीतर पूरा करना है. 

लोकसभा सचिवालय ने जारी किया नोटिस 

जानकारी के अनुसार, टीएमसी के सभी 20 बागी सांसदों को 25 अगस्त को नोटिस जारी  किया गया है. अभिषेक बनर्जी की ओर से गत 18 अगस्त को दायर की गई याचिका की प्रति भी सांसदों को इस नोटिस के साथ भेजी गई है. टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की ओर से लोकसभा सदस्यों के दलबदल के आधार पर अयोग्यता नियम, 1985 के नियम 6 अंतर्गत दाखिल की गई थी. सचिवाल की ओर से यह भी कहा गया कि सभी सदस्य नोटिस मिलने के सात दिनों के भीतर अपना जवाब दाखिल करें. 

सुप्रीम कोर्ट भी गया मामला 

बता दें कि नोटिस ऐसे समय पर जारी किया गया है, जब पिछले दिनों टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की उस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की सहमति जताई थी, जिसमें दलबदल के आधार पर अयोग्यता की याचिकाओं पर जल्द फैसला लिया जाए. सीजेआई सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई के लिए स्वीकृति दे दी थी. 

क्या है पूरा मामला 

पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनाव में टीएमसी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. इसके बाद टीएमसी के संसदीय दल में बगावत का खेल शुरू हो गया. टीएमसी के 20 सांसदों ने बागी रुख अपनाया और अपना विलय NCPI में शामिल कर लिया. इसके बाद इन सांसदों ने केंद्र में एनडीए का समर्थन करने का फैसला लिया. 

Bureau Report

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*