थाईलैंड में मंदी से उबरने का अनोखा तरीका, चेहरे पर सोने का वर्क क्यों लगवा रहे लोग; क्या है ‘ना ना थोंग’ अनुष्ठान?

थाईलैंड में मंदी से उबरने का अनोखा तरीका, चेहरे पर सोने का वर्क क्यों लगवा रहे लोग; क्या है 'ना ना थोंग' अनुष्ठान?

थाईलैंड से सामने आए कुछ खास अनुष्ठान के वीडियो इन समय सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. थाईलैंड के पोर काए न्गोएन लैन पार्क में इन दिनों एक खास अनुष्ठान के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. इस विशेष अनुष्ठान के दौरान लोग अपने चेहरे पर सोने के वर्क लगा रहे हैं. खास बात है कि इसके लिए दर्जनों की संख्या में लोग धैर्य के साथ अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं. 

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनुष्ठान के अंतर्गत लोगों के माथे, गालों और ठुड्डी पर सोने की पतली परतें लगाई जाती हैं. अजीबोगरीब अनुष्ठान का नाम ‘ना ना थोंग’ है, जो अयुत्या प्रांत स्थित ‘पोर के न्गोएन लान पार्क’ हो रहा है.  यहां पर ‘पोर के’ नाम के एक साधु की विशाल प्रतिमा स्थापित है. थाईलैंड में इन साधु को प्राचीन ज्ञान का स्वामी और भाग्य चाहने वालों का रक्षक माना जाता है. 

क्या है इस अनुष्ठान का उद्देश्य? 

चूंकि, थाई समाज में सोने को सौभाग्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. प्राचीन काल से मंदिरों में बुद्ध की मूर्तियों पर सोने की परत चढ़ाते आए हैं. ऐसे में इन्हीं विश्वास को लोग अब अपने चेहरे पर आजमाते हैं, जिससे उनका भाग्य बदल सके. आर्थिक मंदी से जूझ रहे थाईलैंड में लोग अब इस अनुष्ठान में हिस्सा ले रहे हैं, जिससे आने वाले समय में सबकुछ ठीक हो सके. 

‘ना ना थोंग’ अनुष्ठान के बारे में जानिए 

थाईलैंड में इस पवित्र अनुष्ठान को ‘ना ना थोंग’ यानी स्वर्ण मुख का आशीर्वाद कहा जाता है. इस दौरान अनुष्ठान करने वाले एक 35 साल के मास्टर टोंग श्रद्धालुओं के माथे, गाल, ठुड्डी पर सोने का वर्क लगाते हैं और फिर पूरे चेहरे पर मालिस किया जाता है, जिसके बाद पूरा चेहरा सोने के जैसे चमक उठता है. थाईलैंड की राजधानी बैंककॉक के अलावा वहां के कई शहरों में ऐसे अनुष्ठान देखे जाते हैं. बताया जाता है कि मालिस के बाद विशेष मंत्रों या पूजा के साथ इसे त्वचा में एब्जॉर्ब करना का दावा भी किया जाता है. 

थाईलैंड में ऐसा क्यों करते हैं लोग? 

गौरतलब है कि थाईलैंड में फिलहाल आर्थिक सुस्ती, बढ़ती लागत और कम होते कंज्यूमर बाजार के कारण व्यापारी काफी परेशानियों का सामना कर रहे हैं. ऐसे में इस परेशानी से निकलने के लिए सोने का वर्क चेहरे पर लगाना केवल सजावट ही नहीं, बल्कि खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने का एक प्रतीकात्मक तरीका है. 

Bureau Report

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