दिल्ली में गिरी बिल्डिंग का मालिक फरार, CM रेखा गुप्ता बोलीं- नहीं बचेगा एक भी गुनहगार; हादसे की दर्दभरी कहानियां रुला देंगी

दिल्ली में गिरी बिल्डिंग का मालिक फरार, CM रेखा गुप्ता बोलीं- नहीं बचेगा एक भी गुनहगार; हादसे की दर्दभरी कहानियां रुला देंगी

दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को भरभराकर गिरी बिल्डिंग में अब तक 6 मौतों की पुष्टि हो चुकी है. कई सालों से छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट के तौर पर इस्तेमाल हो रही इस बहुमंजिला इमारत में हुए भयावाह हादसे का रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है. जिसमें बिल्डिंग के ठीक नीचे बैठा शख्स अपनी जान बचाकर भाग रहा है. सरकारी और प्रशासनिक लापरवाही से हुए इस हादसे से जुड़ी कई मार्मिक कहानियां सामने आ रही हैं.

ऐसी ही एक और कहानी उस फोन कॉल की है, जो हादसे के चलते बीच में ही डिस्कनेक्ट हो गई. इस कहानी ने भी लोगों को झकझोर दिया है. इसके बारे में भी आपको बताएंगे.

21 सेकंड के  CCTV वीडियो में देखा जा सकता है इमारत के ठीक नीचे बैठा शख्स एक छतरी लगाकर अपना स्टॉल लगाए बैठा है. तभी अचानक ऊपर से मलबा गिरने लगता है. जान का खतरा भांपते ही वो शख्स फौरन भागने लगता है और महज चंद सेकेंडों के अंदर पूरा पीजी ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है और मौके पर धूल का गुबार फैल जाता है.

एक और वीडियो में क्या दिखा?

इसी हादसे से जुड़ा 10 सेकंड का एक और वीडियो सामने आया है. इस वीडियो में मलबे के बीच एक स्टूडेंट का धूल से सना चेहरा दिखाई दे रहा है, जिसके चारों ओर इमारत का मलबा पड़ा है. यह वाला वीडियो भी वायरल हुआ. जिसके बाद टीवी चैनलों और वेबसाइट्स पर हादसे की खबर चलते ही इस PG में रहने वाले छात्रों के परिवारवालों की धड़कनें बढ़ गई. मौके पर से मिली जानकारी के मुताबिक इस छात्र का नाम आदित्य है. मूल रूप से यूपी का निवासी ये छात्र आत्माराम कॉलेज में पढ़ता था.

कॉल जो बीच में कट गई…

दिल्ली के दक्षिण-पश्चिम जिले के सत्य निकेतन इलाके में कई पीजी हैं. जिनमें रहने वाले छात्रों की आपस में दोस्ती है. हादसे की खबर सुनकर आस-पास में रहने वाले लोग साथियों का हाल जानने के लिए दौड़े तो ये कहानी सामने आई. घटनास्थल पर मौजूद छात्रों ने अपने एक और साथी युवराज के मिसिंग होने की बात बताते हुए कहा कि वो अपने दोस्त युवराज से बात कर रहा था.

अचानक भूकंप और धमाके जैसी तेज आवाज आई और कॉल कट गई. चूंकि उसका पीजी सही सलामत था, उसे लगा कि नेटवर्क चला गया होगा. उसने दोबारा, तिबारा कॉल लगाई जो कनेक्ट नहीं हुई. तभी बिल्डिंग गिरने की खबर आई तो उसकी चिंता बढ़ गई. वो अपने दोस्त को तलाशते हुए उसके पीजी पहुंचा, लेकिन वहां बस मलबा बिखरा था. 

मीडिया के सवाल

  • MCD हमेशा हादसे के बाद ही क्यों जागती है?
  • PG का करप्शन वाला गठजोड़ कितना मजबूत है?
  • जिनके बच्चे चले गए उन मां-बाप के लिए कोई जवाब है?
  • दिल्ली के PG को कब्रिस्तान बनाने वाले कौन हैं?

दिल्ली का ‘हॉस्टल डेथ’!

दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से सुबह हादसे की जगह का जायजा लेते हुए मकान मालिक के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही है, सीएम ने अपने अधिकृत बयान में बताया कि अब तक 12 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है और 6 मौतों की पुष्टि हुई है. इस हादसे का एक गुनहगार भी नहीं बचेगा. मलबे के नीचे जिंदगी की तलाश जारी है.’  मौके पर दो जीसीबी और सात रेस्क्यू टीमें काम कर रही हैं.

सोमवार सुबह 10 बजे हादसे का अपडेट

रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन को 17 घंटे से ज्यादा हो चुके हैं और सुरक्षा को देखते हुए आसपास के लोगों को भी हटाया गया है. सत्य निकेतन की 14 नंबर शॉप जिसे अवैध तरीके से पीजी इमारत में बदल दिया गया और इमारत में हादसा हुआ, उसके ठीक बगल की पांच मंजिला इमारत जो शॉप नंबर 13 और 14 को मिलाकर बनाई गई है उसकी हालत भी बेहद खराब है. एहतियातन इस इमारत को खाली करा दिया गया है.

MCD ने बिल्डिंग पर नोटिस चिपकाकर खतरनाक बताया है. बताया जा रहा है यह इमारत भी पिलर के बिना पुराने निर्माण तरीकों से बनी है जिसमें ईंटों को सीधे जोड़कर दीवारें तैयार की गई हैं. बारिश के इस सीजन में आशंका जताई जा रही है कि यह बगल वाली इमारत भी किसी भी वक्त गिर सकती है. इमारत को स्थिर रखने के लिए फिलहाल सपोर्ट सिस्टम लगाया जा रहा है. चिंता ये भी है कि हादसे वाली इमारत का मलबा हटाने के दौरान नीचे का बेस कमजोर होने से बगल की इमारत की स्थिरता प्रभावित हो सकती है.

Bureau Report

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