उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में सरकारी और गैर-सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह के खिलाफ पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने बेहद सख्त कदम उठाया है। गहमर और रेवतीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर इस गिरोह के मुख्य सरगना विनोद कुमार गुप्ता की लगभग 4 करोड़ 40 लाख रुपये की अचल संपत्ति को कुर्क कर उसे पूरी तरह जब्त कर लिया है. जमानिया के क्षेत्राधिकारी अंकित तिवारी ने इस पूरी प्रशासनिक कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि अपराध के जरिए अवैध रूप से बनाई गई इस संपत्ति पर कानून का शिकंजा पूरी तरह कस दिया गया है.
अकादमी की आड़ में ठगी का जाल
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी विनोद कुमार गुप्ता ‘ऊँ श्री बक्सू बाबा एकेडमी’ नाम से एक संस्था चलाता था. इस अकादमी की आड़ में वह सीधे-साधे युवाओं और उनके परिजनों को अच्छी नौकरी दिलाने का झूठा सपना दिखाता था. विश्वास जीतने के लिए वह अभ्यर्थियों को जाली और फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देता था और बदले में उनसे भारी भरकम रकम ऐंठ लेता था. इस तरह से उसने कई युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया और उनसे करोड़ों रुपये ऐंठकर बेहिसाब संपत्ति खड़ी कर ली.
गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्ति जब्ती
लगातार मिल रही शिकायतों और फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद गाजीपुर के जिलाधिकारी ने आरोपी की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने का औपचारिक आदेश जारी किया. इसी आदेश के अनुपालन में गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत यह बड़ी कार्रवाई की गई. पुलिस और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए उतरौली गांव में स्थित लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये मूल्य की जमीन और दुल्लहपुर में मौजूद करीब 3 करोड़ 30 लाख रुपये की अचल संपत्ति को सील कर दिया. इस प्रकार कुल 4.40 करोड़ रुपये की भूमि को सरकारी नियंत्रण में ले लिया गया है.
आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास
रेवतीपुर थाने में आरोपी विनोद कुमार गुप्ता के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, आपराधिक षड्यंत्र रचने और जालसाजी से जुड़ी विभिन्न गंभीर धाराओं में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2024 से लेकर 2026 तक के कम समय के भीतर उसके खिलाफ कुल 15 आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि वह लंबे समय से एक संगठित गिरोह चलाकर युवाओं को ठगने का काम कर रहा था.
प्रशासन की संयुक्त टीम की मौजूदगी
संपत्ति कुर्की की इस पूरी प्रक्रिया को कानून के मुताबिक संपन्न कराने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे. इस दौरान क्षेत्राधिकारी जमानियां के नेतृत्व में गहमर और रेवतीपुर थाने की पुलिस टीमों ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली, जबकि सेवराई के तहसीलदार और नायब तहसीलदार की राजस्व टीम ने भूमि का सीमांकन कर जब्तीकरण की कागजी कार्रवाई पूरी की.
अपराधियों में खौफ का माहौल
नौकरी के नाम पर बेकसूर लोगों की गाढ़ी कमाई लूटकर बनाई गई इस विशाल संपत्ति पर चले प्रशासनिक डंडे को क्षेत्र में अपराध के खिलाफ एक नजीर माना जा रहा है. इस कार्रवाई से न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय की उम्मीद जगी है, बल्कि ऐसे अन्य फर्जीवाड़ा करने वाले अपराधियों और गिरोहों में भी हड़कंप मच गया है.
Bureau Report
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