मस्जिद के नीचे कुएं के बाद अब 1909 की ईंट बरामद; छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट परिसर, मेरठ-मुजफ्फरनगर में रोके गए सपा-कांग्रेस नेता

मस्जिद के नीचे कुएं के बाद अब 1909 की ईंट बरामद; छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट परिसर, मेरठ-मुजफ्फरनगर में रोके गए सपा-कांग्रेस नेता

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद और रहस्य गहराता जा रहा है. मस्जिद के नीचे पुराना कुआँ मिलने के बाद अब मलबे की सफाई के दौरान एक ऐतिहासिक ईंट बरामद हुई है, जिस पर ‘1909’ की तारीख दर्ज है. इस खोज के सामने आने के बाद परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

1909 अंकित ऐतिहासिक ईंट मिली
सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को लेकर विवाद और चर्चाएं लगातार तेज होती जा रही हैं. मस्जिद के मलबे से एक ऐसी ईंट मिलने का दावा किया गया है, जिस पर वर्ष 1909 अंकित बताया जा रहा है. इस दावे के बाद मस्जिद के इतिहास और निर्माण काल को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

6 CCTV कैमरों से 360° निगरानी
इसी बीच कलेक्ट्रेट परिसर में मिले कथित कुएं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है. कुएं के आसपास किसी भी व्यक्ति के जाने पर रोक लगा दी गई है.पुलिसकर्मियों का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कुएं की निगरानी के लिए हर दिशा में कुल छह CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि पूरे क्षेत्र पर नजर रखी जा सके.

400 पुलिसकर्मियों का कड़ा पहरा
कलेक्ट्रेट परिसर को फिलहाल छावनी में तब्दील कर दिया गया है. करीब 400 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और परिसर में प्रवेश पूरी तरह नियंत्रित कर दिया गया है. केवल जिलाधिकारी कार्यालय के कर्मचारियों को पहचान पत्र और कार्यालयी आदेश की जांच के बाद ही अंदर जाने की अनुमति दी जा रही है.

विपक्षी नेता सीमाओं पर रोके गए
वहीं, राजनीतिक गतिविधियों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर है. सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कई नेताओं को सहारनपुर पहुंचने से पहले ही मेरठ और मुजफ्फरनगर क्षेत्र में रोक दिया गया है. प्रशासन किसी भी स्थिति में विवादित स्थल पर भीड़ या राजनीतिक जमावड़ा नहीं होने देना चाहता.

कड़े चेकिंग निर्देश
फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के कदम उठाए जा रहे हैं, जबकि मस्जिद के मलबे से मिली कथित 1909 की ईंट और परिसर में मिले कुएं को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है. मामले से जुड़े तथ्यों और ऐतिहासिक दावों की पुष्टि संबंधित जांच और अभिलेखों के आधार पर ही हो सकेगी.

Bureau Report

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