स्‍कूल गया नहीं, मशीनों के साथ गुजरा बचपन और फिर बन गया तानाशाह, ऐसा है किम जोंग उन

स्‍कूल गया नहीं, मशीनों के साथ गुजरा बचपन और फिर बन गया तानाशाह, ऐसा है किम जोंग उननईदिल्‍ली: उत्‍तर कोरिया का तानाशाह किम जोंग उन किसी ना किसी बात को लेकर चर्चा में बना रहता है. कभी अपनी तानाशाही तो कभी अपने व्‍यवहार के कारण किम जोंग उन सुर्खियों में रहता है. उसका जीवन बड़ा ही दिलचस्‍प है. अपने खानदान के ही कुछ लोगों और अपनी हुकूमत के कुछ अफसरों को उसने मौत के घाट उतरवा दिया है.

अब एक किताब में उसके जीवन के अनसुने पहलुओं को दुनिया के सामने लाया गया है. वॉशिंगटन पोस्ट की पत्रकार एना फिफील्ड की किताब ‘द ग्रेट सक्सेसर: द डिवाइनली परफेक्ट डेस्टिनी ऑफ ब्रिलिएंट कॉमरेड किम जोंग उन’ में बताया गया है कि आखिर कैसे मशीनों के साथ खेलकर बचपन गुजारने वाला बच्‍चा कैसे तानाशाह बन गया.  

एना फिफील्ड की किताब के कुछ हिस्‍सों को वॉशिंगटन पोस्ट में प्रकाशित किया गया है. किताब के अनुसार किम जोंग उन ने अब से पहले बचपन से लेकर जवानी तक कभी भी बाहरी दुनिया नहीं देखी थी. किम जोंग उन भी स्‍कूल नहीं गया. उसकी पढ़ाई-लिखाई उसके शाही महल में ही हुई. इसलिए उसका कोई दोस्‍त भी नहीं रहा.

किम जोंग उन ने पिछले दो साल से मिसाइलों के अंधाधुंध परीक्षण करके अमेरिका तक की नींद उड़ाई हुई है. हालांकि बाद में उसने अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप से मुलाकात भी की. इसके बाद वह कुछ संभला. लेकिन उसे मशीनों से खेलने का शौक बचपन से ही था. उसके पास मशीनें, विमानों के मॉडल और समुद्री जहाज वाले खिलौने हुआ करते थे. उसे इनका खासा शौक था. 

वह विमानों और समुद्री जहाजों के बारे अधिक से अधिक जानकारी बचपन में ही जानना चाहता थ. वह यह जानने के लिए उत्‍सुक रहता था कि आखिर विमान उड़ता कैसे है, समुद्री जहाज पानी पर तैरता कैसे है. इसके लिए वह अपनी मशीनों के बारे में आठ साल की उम्र में विशेषज्ञों से रात-रात भर जानकारी लिया करता था. उत्‍तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने देश की सत्‍ता 2011 में 27 साल की उम्र में संभाली थी. किम को देश की सत्‍ता पुश्‍तैनी रूप में मिली थी. लेकिन किताब के मुताबिक उसके करीबी लोगों के अनुसार उसके अंदर तानाशाही के लक्षण बचपन से ही थे.

किम जोंग उन का पूरा बचपन शाही महल में ही गुजरा. उसने अपना बचपन और किशोरावस्था एकांत महल में बिताई. सत्ता, पावर और नौकरों से कैसे बात करनी है, ये उसके व्यवहार में बचपन से दिखने लगा था. एक बार बचपन में किम जोंग उन की मुलाकात पहली बार जापान के शेफ से हुई थी. उसने उससे हाथ मिलाने के बजाए उसे ऐसे घूरा कि मानो वह दुश्मन देश का है.

एना की किताब के मुताबिक किम जोंग उन का शाही परिवार देश के एक खास हिस्‍से में पैदा होने वाला विशेष किस्‍म का ही चावल खाता था. खेतों में खास महिला मजदूरों को तैनात किया जाता था. ये महिलाएं शाही परिवार के लिए एकसमान साइज के चावल चुनकर भेजा करती थीं. बचपन में ही किम के परिधान विशेष ब्रिटिश कपड़े के बनाए जाते थे. 

Bureau Report

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