पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सोमवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (एनसीएस) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.6 मापी गई। भूकंप दोपहर 1 बजकर 26 मिनट और 32 सेकंड (भारतीय समयानुसार) पर दर्ज किया गया। भूकंप का केंद्र पृथ्वी की सतह से 10 किलोमीटर की गहराई में था। इसका उपकेंद्र 29.12 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 67.26 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था, जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
अभी तक जानमाल के नुकसान की कोई खबर
हालांकि, अब तक किसी जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में लोगों में दहशत का माहौल देखा गया और कई लोग एहतियातन अपने घरों से बाहर निकल आए। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी ने बताया कि स्थिति सामान्य है, लेकिन आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) की संभावना बनी रहती है। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बलूचिस्तान में आए पिछले भूकंप
- बलूचिस्तान क्षेत्र इससे पहले भी कई बार भूकंप का केंद्र बन चुका है।
- जून 2022 में इसी क्षेत्र में 5.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें कई घरों को नुकसान पहुंचा था।
- सबसे विनाशकारी भूकंप अक्टूबर 2005 में आया था, जब उत्तरी पाकिस्तान में 7.6 तीव्रता के भूकंप ने हजारों लोगों की जान ली थी।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है पाकिस्तान के कई क्षेत्र
विशेषज्ञों के मुताबिक, 4.6 तीव्रता का भूकंप हल्के से मध्यम श्रेणी में आता है और आमतौर पर इससे बड़े पैमाने पर तबाही की आशंका कम होती है। फिर भी, सतह के करीब (10 किमी गहराई) होने के कारण झटके ज्यादा महसूस किए जा सकते हैं। बता दें कि, पाकिस्तान और उसके आसपास का क्षेत्र भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यह इलाका इंडो-यूरोशियन और अरबियन प्लेट्स की टकराहट के जोन में आता है।
भूकंप क्यों आता है?
भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेट्स के आपस में टकराने या खिसकने की वजह से आता है। पाकिस्तान और उसके आस-पास का इलाका भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि यह इंडो-यूरोशियन और अरबियन प्लेट्स के बीच स्थित है। जब ये प्लेटें एक-दूसरे पर दबाव डालती हैं तो ऊर्जा निकलती है, जो भूकंप के रूप में महसूस होती है।
Bureau Report
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