Elon Musk: ट्रंप से तनातनी के बाद मस्क को उठाना पड़ा भारी नुकसान, 380 अरब डॉलर गंवाए

Elon Musk: ट्रंप से तनातनी के बाद मस्क को उठाना पड़ा भारी नुकसान, 380 अरब डॉलर गंवाए

एक वक्त ट्रंप के सबसे बड़े समर्थक रहे एलन मस्क, अब उनके सबसे बड़े आलोचकों में से एक हो गए हैं। मस्क सार्वजनिक तौर पर ट्रंप की आलोचना कर रहे हैं और ट्रंप ने भी सार्वजनिक तौर पर पलटवार किया है। ट्रंप ने टेस्ला और स्पेसएक्स को मिलने वाले सरकारी ठेकों को बंद करने की धमकी दी है। जिससे मस्क को भारी नुकसान की आशंका है। साथ ही ट्रंप से भिड़ने के बाद मस्क की कंपनी टेस्ला के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टेस्ला के शेयरों में गिरावट से जनवरी से अब तक, एलन मस्क को करीब 380 अरब डॉलर (करीब 32 लाख करोड़ रुपये) का नुकसान उठाना पड़ा है।  

टेस्ला का बाजार पूंजीकरण हुआ 29 प्रतिशत कम
टेस्ला के बाजार पूंजीकरण में 29 प्रतिशत की कमी आई है और इस साल लार्ज कैप शेयरों में सबसे खराब प्रदर्शन टेस्ला का ही रहा। साल 2025 की शुरुआत में टेस्ला पूरी दुनिया में आठवीं सबसे बड़ी कंपनी थी, वो अब 10वें स्थान पर आ गई है। ट्रंप प्रशासन में सरकारी दक्षता विभाग के प्रमुख के तौर पर मस्क ने बड़ी संख्या में संघीय सरकार के खर्चों में कटौती की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी से निकाला गया। इसका विरोध भी मस्क को झेलना पड़ा और अमेरिका में लोगों ने टेस्ला और टेस्ला के शोरूम में तोड़फोड़ की। इससे भी टेस्ला को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

एक दिन में 14 प्रतिशत गिरे टेस्ला के शेयर
ट्रंप के साथ तनातनी के बाद 6 जून को टेस्ला के शेयरों में 14 प्रतिशत की गिरावट आई। जिससे कंपनी को एक दिन में 150 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। यह एक दिन में किसी भी कंपनी को हुए सबसे बड़े नुकसान में से एक है। अभी भी मस्क की मुश्किलें खत्म नहीं हुई हैं क्योंकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में मस्क की कंपनियों टेस्ला और स्पेसएक्स के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने की धमकी दी है। 

क्या है ट्रंप और मस्क के बीच तनातनी की वजह
ट्रंप और मस्क के बीच तनातनी की वजह ट्रंप प्रशासन द्वारा लाए जा रहे टैक्स बिल को लेकर है। मस्क इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं। जबकि ट्रंप का कहना है कि इस बिल का मकसद टैक्स कटौती, रक्षा बजट को बढ़ाना और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है। हालांकि इस बिल में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की बाध्यता को खत्म कर दिया गया है। साथ ही ईवी खरीदने पर मिलने वाली 7500 डॉलर की छूट को भी खत्म कर दिया गया है। माना जा रहा है कि मस्क को इन प्रावधानों से आपत्ति हो सकती है। 

Bureau Report

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