बरेली में अस्पताल संचालक के धोखे की शिकार हुई बदायूं की युवती ने इलाज के दौरान पांचवें दिन रविवार सुबह दम तोड़ दिया। प्रेम प्रसंग में फंसाने और शादी की जिद पर युवती की हत्या की कोशिश करने के आरोपी अस्पताल संचालक डॉ. श्रीपाल को शनिवार शाम कोर्ट ने जेल भेज दिया। अब उसके खिलाफ दर्ज मामले में हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी। वहीं रविवार को युवती के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया।
बदायूं जिले के बिल्सी थाना क्षेत्र की निवासी युवती कुछ साल पहले बरेली आई थी। परिजनों के अनुसार नर्सिंग का कोर्स करने के बाद वह बीसलपुर चौराहे पर अनंतरूप अस्पताल में काम करने लगी थी। अस्पताल संचालक डॉ. श्रीपाल पवन विहार कॉलोनी का रहने वाला है। उसने युवती को प्रेमजाल में फंसा लिया। जब श्रीपाल के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो श्रीपाल ने 28 अप्रैल को युवती से इस्तीफा दिलवा दिया। फिर संजयनगर में उसके साथ पति-पत्नी के रूप में किराये के मकान में रहने लगा।
16 सितंबर को दिया वारदात को अंजाम
युवती को डॉ. श्रीपाल के शादीशुदा होने का पता लगा तो वह शादी करने पर अड़ गई। परिवार में कलह होने पर डॉक्टर ने युवती को रास्ते से हटाने की योजना बना ली। युवती ने 16 सितंबर को उसे पेट में दर्द की बात बताई तो वह कार से डोहरा रोड ले आया। ढोकला व बर्गर लेकर युवती को खिलवाया। कार में ही उसे नशे के दो इंजेक्शन लगा दिए।
निर्वस्त्र कर क्यों फेंका?
बेहोश होने पर कार से उसे बड़ा बाइपास पर गोपालपुर नगरिया के पास ले गया। उसे कार से खींचकर उतारा। उसके पूरे कपड़े उतारकर सिर पर लोहे के पाने से प्रहार किया। पहचान छिपाने के लिए उसके चेहरे व शरीर पर तेजाब डाल दिया। उसे लगा कि युवती मर गई है और पुलिस को लगेगा कि किसी ने उसके साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी है। शनिवार रात में ही युवती ने दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल से रात में ही शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।
डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमॉर्टम
शुरू में युवती के पिता व परिवार के लोग नाराज थे, लेकिन वह भी पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए। रात में ही डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। प्रक्रिया की वीडियोग्राफ्री कराई गई। पता लगा कि युवती का चेहरा बिगाड़ने के लिए डॉक्टर ने कोई केमिकल (तेजाब) डाला था। तेजाब युवती के मुंह में चला गया। इससे उसकी आंतों और पेट में संक्रमण फैल गया। सिर में लगी चोटों से भी खून का थक्का बन गया। इसी से युवती के शरीर में संक्रमण फैला और उसकी मौत हो गई।
एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि डॉ. श्रीपाल से जब पुलिस ने शुरू में पूछताछ की तो उसने बीमारी का बहाना बनाया था। तब पुलिस ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया था। यहां से शनिवार को डॉक्टरों ने उसके ठीक होने की रिपोर्ट दी तो उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से जेल भेजा गया है। उसके खिलाफ साक्ष्य दिखाए गए तो उसने हत्या की कोशिश की बात स्वीकार कर ली। अब उसके खिलाफ हत्या की धारा बढ़ाई जाएगी।
परिजन बोले- आरोपी को फांसी की सजा मिले
बिल्सी की युवती की मौत के बाद बरेली आए परिजनों ने मांग की कि उनकी बेटी को इस हाल में पहुंचाने वाले श्रीपाल को कम से कम फांसी की सजा मिलनी चाहिए। पिता ने बताया कि श्रीपाल ने उनकी बेटी को परिवार के खिलाफ भड़काकर झूठे शपथपत्र बनवाए थे। इसलिए वह लोग भी बेटी से नाराज थे। बाद में उन्हें हकीकत का पता लगा कि श्रीपाल ही इस मनमुटाव की जड़ है।
Bureau Report
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