डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को शनिवार को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया. पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में बरी कर दिया है. इससे पहले, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी. राम रहीम ने सीबीआई कोर्ट के इस फैसले को हरियाणा-पंजाब हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले में सुनवाई करते हुए आज हाई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति हत्याकांड में क्लीन चिट देते हुए बरी कर दिया है.
छत्रपति को 24 अक्टूबर 2002 को उनके घर पर बिल्कुल पास से गोली मारी गई थी. यह हत्या अखबार में एक गुमनाम चिट्ठी छपने के कुछ महीने बाद हुई थी, जिसमें बताया गया था कि कैसे डेरा में साध्वी के तौर पर शामिल होने वाली महिलाओं का डेरा प्रमुख ने यौन उत्पीड़न और रेप किया था. 17 जनवरी 2019 को, पंचकूला की स्पेशल CBI कोर्ट ने राम रहीम और तीन अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई और ₹50,000 का जुर्माना लगाया. डेरा प्रमुख और दूसरे आरोपियों ने 2019 में इस आदेश को चुनौती दी और दावा किया कि उन्हें झूठा फंसाया गया है.
2017 से दे रेप केस में 20 साल की सजा काट रहा है डेरा चीफ
राम रहीम 2017 से दो रेप केस में 20 साल की सजा काट रहा है और हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है. हालांकि, मई 2024 में, हाई कोर्ट ने उसे 2002 में डेरा के पूर्व मैनेजर रंजीत सिंह की हत्या के मामले में बरी कर दिया था. पंजाब में 2015 में हुई बेअदबी की घटनाओं से जुड़ी कई FIR में भी उनका नाम है, जिनकी जांच अभी भी चल रही है.
Bureau Report
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