डालम‍िया सीमेंट को राहत! ED के 793 करोड़ के दावे को PMLA ट्रिब्यूनल ने घटाकर 92 करोड़ किया

डालम‍िया सीमेंट को राहत! ED के 793 करोड़ के दावे को PMLA ट्रिब्यूनल ने घटाकर 92 करोड़ किया

डालम‍िया सीमेंट लिमिटेड (Dalmia Cement Ltd) को मनी लॉन्ड्रिंग केस में बड़ी राहत म‍िली है. प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) अपीलेट ट्रिब्यूनल ने ईडी के खिलाफ कंपनी की अपील को आंशिक रूप से मंजूर कर दिया. ट्रिब्यूनल ने कथित ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ (Proceeds of Crime) की रकम को 793.34 करोड़ से घटाकर 92.52 करोड़ रुपये कर दिया है. राश‍ि में 88% से ज्‍यादा की कमी होने का फैसला कंपनी के ल‍िए अहम माना जा रहा है. इससे पहले ईडी ने कहीं ज्‍यादा बड़ी रकम को कथित अवैध लाभ बताया गया था. 9 मार्च 2026 को जारी क‍िया गया आदेश कंपनी को 11 मार्च को मिला है.

क्या था ED का आरोप?

ईडी (ED) की तरफ से आरोप लगाया गया था क‍ि डालम‍िया सीमेंट ने आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्‍यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी से जुड़ी कंपनी भारती सीमेंट्स में 95 करोड़ रुपये ज्यादा प्रीमियम पर इनवेस्‍टमेंट क‍िया. बदले में कंपनी को आंध्र प्रदेश में लाइमस्टोन माइनिंग लीज मिली, जिसकी वैल्यू 709.34 करोड़ बताई गई. ईडी (ED) की तरफ से दावा क‍िया गया क‍ि ये शेयर बाद में फ्रेंच कंपनी PARFICIM SAS को 139 करोड़ रुपये में बेच द‍िये गए और कुछ पैसे कैश-हवाला से जगन रेड्डी तक पहुंचे. डालम‍िया ने 84 करोड़ का प्रॉफिट रखा.

ट्रिब्यूनल की तरफ से क्‍या फैसला द‍िया गया?

ट्रिब्यूनल की तरफ से साफ कहा गया क‍ि शेयर बिक्री से मिले 84 करोड़ रुपये ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ नहीं माने जा सकते. इसलिए ईडी का क्‍लेम कमजोर हो गया. हालांकि, माइनिंग से मिले प्रॉफिट को 92.52 करोड़ रुपये तक ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ माना गया. इससे पहले 377 करोड़ रुपये की जमीन अटैच की गई थी, अब इसका काफी हिस्सा रिलीज हो सकता है.

कानूनी कदम उठा सकती है कंपनी

पूरे मामले पर पुनीत डालम‍िया ने हमारे सहयोगी चैनल जी ब‍िजनेस से बात करने से इनकार कर द‍िया. मामला अदालत में व‍िचाराधीन है, ऐसे में कंपनी प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी इस तरह के मामलों पर क‍िसी तरह की ट‍िप्‍पणी नहीं करती. हालांकि, कंपनी की तरफ से साफ क‍िया गया क‍ि वह बाकी के 92.52 करोड़ रुपये के फैसले से सहमत नहीं है और आगे कानूनी कदम उठा सकती है.

यह फैसला क्‍यों है महत्‍वपूर्ण?

लंबे समय से चल रही जांच में डालम‍िया सीमेंट के लिए बड़ी जीत है. साल 2011 में सीबीआई (CBI) की जांच से शुरू हुआ यह मामला अब कमजोर हो गया है. न‍िवेशकों की चिंता कम हुई है क्‍योंक‍ि फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को लेकर अन‍िश्‍च‍ितता खत्म हो रही है. कंपनी की छवि मजबूत होने से स्टॉक पर पॉजिटिव असर पड़ने की उम्‍मीद है.

यह पूरा मामला 2011 की सीबीआई (CBI) जांच से जुड़ा है. इसमें जगन मोहन रेड्उी पर क्विड प्रो क्वो (फेवर के बदले निवेश) का आरोप था. इसमें डालम‍िया का भी नाम आया था. ईडी ने साल 2025 में 377 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की थी, लेकिन अब ट्रिब्यूनल की तरफ से बड़ा बदलाव क‍िया गया.

Bureau Report

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*