महाराष्ट्र विधानसभा 2026 चुनावों का ऐलान हो चुका है. चुनाव आयोग ने रविवार को तारीखों का ऐलान करते हुए बताया कि राज्य में 2 चरणों में चुनाव होंगे. पहले चरण के लिए 23 और दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी. तारीखों के ऐलान के बाद से सियासत भी तेज हो गई है. इसी कड़ी में राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनपर हमला हो सकता है.
आज एक रैली में CM ममता बनर्जी ने कहा कि उन पर हमला हो सकता है और अगर ऐसा होता है, तो PM से लेकर BJP के सभी नेता इसके लिए जिम्मेदार होंगे. मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोकसभा सांसद और भाजपा नेता दिलीप घोष के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि ये सभी भड़काऊ बयान हैं और भविष्य में इन बयानों की वजह से उन पर हमला हो सकता है.
आयोग कुछ भी बदल सकता है सरकार नहीं: ममता बनर्जी
इसके अलावा पश्चिम बंगाल सरकार के मुख्य सचिव को हटाए जाने के मामले पर CM ममता बनर्जी ने कहा कि आयोग महिला-विरोधी है, इसीलिए वे आधी रात को एक महिला मुख्य सचिव को उनके पद से हटा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि आयोग कुछ भी बदल सकता है लेकिन, वे सरकार नहीं बदल सकते.
ममता बनर्जी ने खोला मोर्चा
चुनाव आयोग के जरिए चुनाव की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती, राज्य पुलिस प्रमुख पीयूष पांडे, कोलकाता पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार और पश्चिम बंगाल के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को उनके पदों से हटाए जाने के बाद से मुख्यमंत्री आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं. चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें चुनाव संबंधी कोई भी कार्यभार नहीं दिया जाएगा.
शीर्ष अधिकारियों को हटाए जाने के विरोध में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखा है. इस कदम को मनमाना और गहरी चिंता का विषय बताते हुए उन्होंने लिखा कि आयोग को भविष्य में इस तरह के एकतरफा कदम उठाने से बचना चाहिए. बनर्जी ने लिखा कि भले आयोग के पास ऐसे बदलाव करने की शक्तियां हैं, लेकिन पिछले चुनावों के दौरान उन्होंने संवैधानिक औचित्य और प्रशासनिक परंपरा के तहत राज्य सरकार से लगातार परामर्श किया है. आयोग राज्य सरकार से तीन अधिकारियों का एक पैनल उपलब्ध कराने का अनुरोध करेगा और उस सूची में से अपना चयन करेगा.
Bureau Report
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