ईरान से जंग के बीच अमेरिका को भारी नुकसान, राष्ट्रीय कर्ज में बेतहाशा बढ़ोतरी; US नागरिकों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान से जंग के बीच अमेरिका को भारी नुकसान, राष्ट्रीय कर्ज में बेतहाशा बढ़ोतरी; US नागरिकों के लिए बड़ी चेतावनी

ईरान के साथ जंग शुरू करने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चौतरफा फंसते नजर आ रहे हैं. ईरान से जंग का आह्वान करने वाले ट्रंप ने दावा किया था कि यह संघर्ष केवल कुछ दिनों में समाप्त हो जाएगा, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है.  इस बीच एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज पहली बार 39 ट्रिलियन डॉलर के पार चला गया है. यह पहला मौका है, जब यूएस इतने बड़े कर्ज के तले दबा है. 

दरअसल, फॉक्स बिजनेस की एक रिपोर्ट में बताया गया कि अचानक अमेरिकी कर्ज का इतना ज्यादा बढ़ना सरकार के बेतहासा खर्च को दर्शाता है. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के आंकड़ों पर नजर डालें, तो पता चलता है कि 17 मार्च 2026 को यूएस का राष्ट्रीय कर्ज 39 ट्रिलियन डॉलर को पार कर गया. जानकार मानते हैं कि अमेरिका के भविष्य के लिए यह अच्छे संकेत नहीं हैं. 

पांच महीने में 1 ट्रिलियन कर्ज बढ़ा 

इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि इससे पहले अक्टूबर 2025 के अंत में अमेरिका का राष्ट्रीय कर्ज 38 ट्रिलियन डॉलर था. इसका सीधा संकेत है कि केवल पांच महीने में 1 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा हुआ है. वहीं, इससे पहले अगस्त 2025 में यह कर्ज 37 ट्रिलियन डॉलर के करीब था. पिछले आंकड़े बताते हैं कि कर्ज काफी तेजी से बढ़ रहा है. 

क्या है कर्ज बढ़ने की वजह? 

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस कर्ज के बढ़ने का मुख्य कारण है कि सरकार जितना खर्च कर रही है, उससे अधिक कमाई नहीं कर पा रही है. सामान्य भाषा में समझें, तो बजट में घाटा रहता है. सरकार को खर्चों को पूरा करने के लिए ऋण लेना पड़ता है. अमेरिका में सामाजिक सुरक्षा और मेडिकेयर जैसे कार्यक्रमों के लिए खर्च काफी बढ़ गया है. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका में वृद्ध लोगों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है. वहीं, ब्याज दरें अधिक होने के कारण कर्ज पर इंटरेस्ट का बोझ भी बढ़ रहा है.

अमेरिकी लोगों के लिए चेतावनी 

पीटर जी पीटरसन फाउंडेशन के CEO माइकल एल. पीटरसन का मानना है कि यह आंकड़ा अमेरिकियों के लिए एक चेतावनी है. उनकी ओर से बताया गया कि अगर इसी तरीके से चलता रहा, तो साल 2026 में होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले कर्ज करीब 40 ट्रिलियन डॉलर को भी पार कर जाएगा. उन्होंने चेताया कि जिस तरीके से सरकार काम कर रही है, वह काफी लंबे समय तक नहीं चल सकता है. इसका असर आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा. अगले तीन दशक तक केवल ब्याज पर 100 ट्रिलियन डॉलर खर्च होने की संभावना है. 

सरकार को खर्च पर करना होगा काबू 

जानकारों का मानना है कि साल 2026 के पहले तीन महीने में ही घाटा 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हो चुका है. सरकार को अब खर्चों पर काबू करना होगा. वहीं, कर्ज को कम करने के लिए एक बड़ी योजना बनाने पर काम करना चाहिए. अगर अभी से इस विषय पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं. 

Bureau Report

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