भारतीय टीम ने अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में इतिहास रच दिया. रविवार (8 मार्च) को कुछ ऐसा हुआ जो कभी नहीं हो सका था. पहली बार क्रिकेट इतिहास में किसी देश ने अपने घरेलू मैदान पर टी20 वर्ल्ड कप जीता है. इतना ही नहीं, पहली बार ही किसी देश ने लगातार दो बार इस खिताब पर कब्जा किया है. भारत ने 2024 में भी जीता था और 2026 में भी टीम चैंपियन बनी. इस जीत के एक-दो नहीं बल्कि कई खिलाड़ी नायक हैं. कुछ ने गेंदबाजी तो कुछ ने बल्लेबाजी से पूरे टूर्नामेंट में अलग-अलग मौकों पर मैच को पलट दिया.
न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर भारत को बल्लेबाजी सौंपी तो टीम इंडिया ने 20 ओवर में 5 विकेट पर 255 रन ठोक दिए. सेमीफाइनल में भारत ने 253 रन बनाए थे, लेकिन इंग्लैंड ने नाक में दम कर दिया था. उस मैच को भारत सिर्फ 7 रन से ही जीत पाया था. उस मैच और साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के प्रदर्शन को देखते हुए 256 रन का टारगेट भी सुरक्षित नहीं था.
फाइनल मैच का टर्निंग पॉइंट
न्यूजीलैंड के ओपनर फिन एलन और टिम साइफर्ट किसी भी गेंदबाजी की धज्जियां उड़ाने में माहिर हैं. उनके फॉर्म को देखते हुए सूर्यकुमार यादव ने पावरप्ले में एक चाल चली. उन्होंने तेज गेंदबाज को हटाकर तीसरे ओवर में ही बाएं हाथ के स्पिनर अक्षर पटेल को अटैक पर लगा दिया. अक्षर ने फिन एलन को आउट कर कीवी टीम को जोरदार झटका दिया. यहां से मैच ही पलट गया और उस झटके के बाद न्यूजीलैंड की टीम संभल ही नहीं पाई. टीम इंडिया ने 19 ओवरों में कीवियों को 159 रनों पर समेटकर फाइनल को जीत लिया.
अब हम ऐसे 5 स्टार क्रिकेटर्स के बारे में यहां बता रहे हैं जिन्होंने पूरे टूर्नामेंट में टीम के लिए सही मौकों पर प्रदर्शन किया…
संजू सैमसन
एक दशक तक खराब परफॉर्मेंस और अनियमितता के बाद संजू सैमसन को आखिरकार इस टूर्नामेंट में अपनी अनोखी काबिलियत का एहसास हुआ. खराब फॉर्म की वजह से टीम में अपनी जगह गंवाने के बाद सैमसन को टूर्नामेंट के सुपर 8 स्टेज में मौका मिला और उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. इस स्टाइलिश दाएं हाथ के खिलाड़ी ने फाइनल समेत भारत के लगातार तीन जरूरी मैच में 97, 89, 89 रन की मशहूर पारियां खेलीं और टूर्नामेंट के इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी. उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट घोषित किया गया.
ईशान किशन
सैमसन को टॉप दो में जगह देने के लिए किशन को तीसरे नंबर पर भेजा गया था, लेकिन इससे उनके परफॉर्मेंस पर ज्यादा असर नहीं पड़ा. बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने भी इस मौके का फायदा उठाया और फाइनल में 25 गेंदों में 54 रन बनाए. उनका सबसे बड़ा काम कोलंबो में पाकिस्तान के खिलाफ बड़े मैच में आया, जहां उन्होंने मुश्किल पिच पर 40 गेंदों पर 77 रन बनाए. सुपर 8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ 24 गेंदों पर 38 रन भी बनाए. कुछ महीने पहले टीम के प्लान का हिस्सा नहीं रहे किशन ने ज्यादातर मौकों का फायदा उठाया और टीम में अपनी जगह पक्की कर ली.
शिवम दुबे
शिवम दुबे 2024 टी20 वर्ल्ड कप के सफल कैंपेन का भी हिस्सा थे. वह पिछले छह महीनों में काफी बेहतर हुए हैं. वह बीच के ओवरों में स्पिनरों के खिलाफ खतरनाक थे, लेकिन अब उन्होंने तेज गेंदबाजों के खिलाफ अपने खेल में काफी सुधार किया है. चुपचाप उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कई असरदार पारियां खेलीं, जिनमें नीदरलैंड के खिलाफ 66 रन, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 43 रन और फाइनल में 8 गेंदों पर नाबाद 26 रन भी सबसे खास थे. ये सभी रन उनकी टीम के लिए सही समय पर आए.
हार्दिक पांड्या
वर्ल्ड क्रिकेट में हार्दिक पांड्या जैसा कोई नहीं है और उन्होंने पूरे कैंपेन में अपने परफॉर्मेंस से एक प्रीमियर ऑल-राउंडर के तौर पर अपनी पहचान फिर से पक्की की. कैप्टन ने पारी के किसी भी स्टेज पर बॉलिंग के लिए उन पर भरोसा किया — चाहे वह पावरप्ले हो, बीच के ओवर हों या आखिरी पांच ओवर. उन्होंने कभी भरोसे को तोड़ा नहीं. हार्दिक ने बल्ले से भी कुछ कमाल किया. इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर उनके 27 रन की मदद से भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 250 रन का आंकड़ा पार किया.
जसप्रीत बुमराह
बुमराह को दुनिया का बेस्ट माना जाता है और उन्होंने कई मैच जिताने वाले परफॉर्मेंस से अपनी उम्मीदों पर खरा उतरा. एक बार भी टीमें उनसे बेहतर नहीं हो पाईं. वह हमेशा एक कदम आगे रहते थे. उनकी इस अनोखी काबिलियत का सबसे अच्छा उदाहरण सेमीफाइनल और फाइनल में देखने को मिला, जब उन्होंने अपनी पहली ही गेंद पर बैटर को चकमा देकर विकेट ले लिया. उन्होंने टी20 वर्ल्ड कप में अब तक के सबसे अच्छे आंकड़े हासिल किए. बुमराह ने फाइनल में 15 रन देकर चार विकेट लिए. यह पीढ़ी में एक बार आने वाले फास्ट बॉलर के लिए सही है.
Bureau Report
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