‘धुरंधर’ एक्टर संजय दत्त इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘केडी: द डेविल’ (KD: The Devil) को लेकर चर्चा में छाए हुए हैं. उनकी ये फिल्म 30 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. हाल ही में फिल्म ‘केडी: द डेविल’ का नया गाना ‘सरके चुनर तेरी सरके’ रिलीज हुआ है, जिसके रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है. इस गाने में संजय दत्त का खलनायक अवतार और नोरा फतेही के लटके झटके देखने को मिल रहे हैं. लेकिन इस हाई-एनर्जेटिक म्यूजिक डांस सॉन्ग का वीडियो विवादों में फंस गया है. एक वकील ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) से संपर्क कर गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ पर तुरंत बैन लगाने और उसे हटाने की मांग की है.
संजय दत्त और एक्ट्रेस नोरा फतेही के इस गाने को लेकर वकील ने शिकायत करते हुए कहा कि इस गाने के बोल और विज़ुअल्स दोनों ही अश्लील और हानिकारक हैं, जो कम उम्र के बच्चों के लिए सही नहीं है. वकील विनीत जिंदल ने CBFC में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माए गए गाने ‘सरके चुनर तेरी सरके’ के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है. वकील ने इस शिकायत की एक कॉपी सूचना और प्रसारण मंत्रालय को भी भेजी है.
‘ये गाने अश्लीलता को बढ़ावा देते है’
शिकायतकर्ता वकील का आरोप है कि ये गाना, जिसे यूट्यूब पर रिलीज और जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, उसमें बेहद भद्दे और अश्लील भाव शामिल हैं. उन्होंने आगे तर्क दिया गया है कि गाने की वीडियो और डांस सीक्वेंस काफी उकसाने वाले हैं और ये अश्लीलता को बढ़ावा देते हैं, जिससे लोगों की शांति भंग हो सकती है. उन्होंने आगे शिकायत में कहा, गाने के कुछ बोल साफ तौर पर आपत्तिजनक हैं और आम जनता के लिए खराब हैं, खासकर इसलिए क्योंकि ये कम उम्र के बच्चों के लिए आसानी से अवेलेबल है.
फिल्म और गाने की टीम के खिलाफ शिकायत
वकील ने चिंता जताते हुए कहा कि जब इस तरह का कंटेंट ऑनलाइन आसानी से अवेलेबल होता है, तो ये बच्चों को ऐसी चीजों से जोड़ता है, जो उनकी उम्र के हिसाब से सही नहीं है. उन्होंने इस शिकायत में गाने को बनाने और लिखने वाले गीतकार रकीब आलम, निर्देशक प्रेम, संगीतकार अर्जुन जान्या और गायिका मंगली का नाम भी शामिल किया है. वकील ने ये दावा किया है कि गाने के बनाने और प्रसार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 294, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act), और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत पीनल प्रोविजनल लागू होता है. वहीं इस दाने को लेकर दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में पहले ही एक अलग शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है.
Bureau Report
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