ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना हसन अली रजनी ने कहा है कि जिनके यहां मौत हुई है, हम शोक व्यक्त करते हैं और उनके दुख में हम भी दुखी हैं. लेकिन हर मुल्क का झगड़ा अपने मुल्कों में रखें. दूसरी जगह उस झगड़े को मत लेकर आइए. ईरान अपना झगड़ा ईरान में रखे. अमेरिका अपना झगड़ा अमेरिका में रखे. आज पूरी दुनिया में जो प्रोटेस्ट हो रहे हैं. उसकी सख्त मजम्मत करते हैं. चाहे वो हिंदुस्तान में प्रोटेस्ट हो रहे हों या पाकिस्तान में… इसलिए क्योंकि मरने वाले हमारे रहबर नहीं हैं. हमारे आका नहीं हैं. पूरी दुनिया के शिया इराक के अयातुल्ला सिस्तानी साहब को मानते हैं. ईरान के किसी भी मौलवी को नहीं मानते हैं.
आगे रजनी ने गंभीर बात कही. उन्होंने कहा, ‘वो लोग सियासी तरीके से यहां पर कुछ पैसे देते हैं और पूरे वर्ल्ड में प्रोटेस्ट कराकर पूरी दुनिया का माहौल खराब करते हैं. अभी हमारे भाइयों ने अमेरिकी एंबेसी पर हमला किया और नतीजा यह हुआ कि जवाबी कार्रवाई में 35 शिया मारे गए. बांग्लादेश में मारे गए, कतर में मुसलमान मारे गए. पूरे वर्ल्ड में मुसलमान भाई मारे जाते हैं. हम उनसे यही अपील करते हैं कि आप अपने मुल्कों के लिए वफादार रहिए. ये सब चीजें मुल्क तक ही रहने दीजिए.’
भारत में दूसरे देश के झंडे पर आपत्ति
उन्होंने आगे कहा कि 40 साल के अंदर दो करोड़ से ज्यादा मुसलमान मारे जा चुके हैं लेकिन हिंदुस्तान का कोई मुसलमान बोलता नहीं है लेकिन हिंदुस्तान में एक भी मुसलमान मारा जाता है वर्ल्ड के सारे चैनल दिखाते हैं कि देखो भारत में मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है. हम अपने पीएम मोदी का नाम या फोटो किसी दूसरे मुल्क में नहीं ले सकते हैं लेकिन हमारे देश में बाहर के मुल्कों के लोगों की तस्वीर भी रखी जाती है, उनका झंडा भी लहराया जाता है और जब मरते हैं तो लोग हंगामा भी करते हैं.
चेतावनी: जुलूस में खामेनेई का फोटो रखा तो…
मुंबई में शिया मौलाना ने साफ कहा कि ये प्रोटेस्ट नहीं होने चाहिए. मैंने यहां तक कहा है कि मोहर्रम के जुलूस में अगर ये लोग खामेनेई साहब का फोटो रखेंगे तो हम भी नरेंद्र मोदी साहब का फोटो रखेंगे, चाहे ये लोग जेल में ही क्यों न डाल दें.
उन्होंने कहा कि हम अपने वजीर-ए-आजम का नाम लें तो दहशतगर्द कहे जाते हैं लेकिन ये लोग दूसरे देश के लीडर का नाम और फोटो लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. एंबेसी पर हमले कर रहे हैं तो ये दहशतगर्द नहीं हैं? हम इसके सख्त खिलाफ हैं कि पूरी दुनिया में प्रोटेस्ट होना चाहिए. शिया मौलाना ने कहा कि मैं यह भी साफ कर देना चाहता हूं कि पूरी दुनिया के शिया ईरान के साथ नहीं हैं, कुछ लोग साथ हैं.
Bureau Report
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