अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का बड़ा बयान सामने आया है. पेजेशकियन ने जहां एक तरफ खाड़ी देशों से अटैक के लिए माफी मांगी है तो वहीं दूसरी ओर उन्होंने अमेरिका और इजरायल को आड़े हाथों लिया है. ईरान के प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने शनिवार को कहा कि देश ने इजराइल और अमेरिका के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान पड़ोसी देशों को प्रभावित करने वाले हमलों के लिए माफी मांगता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान तब तक इन देशों पर हमला नहीं करेगा, जब तक कि ईरान के खिलाफ कोई हमला उनके इलाके से शुरू न हो.
सरकारी टीवी पर ब्रॉडकास्ट हुए भाषण में पेजेशकियन ने कहा कि मैं उन पड़ोसी देशों से माफी मांगता हूं जिन पर ईरान ने हमला किया था. उन्होंने स्पष्ट किया कि तेहरान का उद्देश्य पड़ोसी देशों के साथ दुश्मनी रखना नहीं है और क्षेत्रीय सरकारों के साथ तनाव को बढ़ाना नहीं चाहता. ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सरकार ने पड़ोसी देशों को टारगेट करने से बचने की नीति अपनाई है.
खाड़ी देशों को टारगेट करने से बचेगा ईरान: पेजेशकियन
ईरान इंटरनेशनल के अनुसार, पेजेशकियन ने बताया कि ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने इस नीति को मंजूरी दी है ताकि क्षेत्रीय देशों के साथ संबंध सुरक्षित रहें और संघर्ष का असर सीमित हो. पेजेशकियन ने दोहराया कि ईरान का पड़ोसी देशों के साथ कोई दुश्मनी नहीं है. उन्होंने कहा कि हम पूरी तरह से पड़ोसी देशों के प्रति सम्मान और सहयोग की भावना रखते हैं. हमारे इलाके में जारी लड़ाई का मकसद केवल इजरायल और अमेरिका के खिलाफ है और हम क्षेत्रीय देशों को टारगेट करने से बचेंगे.
पेजेशकियन ने कहा कि ईरान पड़ोसी देशों को तब तक टारगेट नहीं करेगा, जब तक कि उनका हमला वहां से शुरू न हो. उन्होंने भरोसा दिलाया कि ईरान क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर रहा है और खाड़ी देशों के साथ सैन्य टकराव से बचने का प्रयास करेगा. ईरान के राष्ट्रपति का यह बयान क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के हमलों के बीच आया है, जो यह साफ करता है कि ईरान पड़ोसी देशों के साथ झगड़ा नहीं चाहता, जबकि अपने मुख्य विरोधियों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेगा.
ईरान ने खाड़ी देशों पर किये थे ड्रोन अटैक
बता दें, हाल के दिनों में ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों का जवाब देते हुए खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं. इन हमलों में दुबई, अबू धाबी, कतर, कुवैत और बहरीन के खाड़ी इलाके प्रभावित हुए. इसी बीच अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान पर संयुक्त हवाई हमले किए थे. इस हमले में तेहरान और अन्य शहरों के कई मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया गया था.
Bureau Report
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