तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों में एनडीए और अभिनेता से राजनेता बने विजय की टीवीके के बीच संभावित गठबंधन की अटकलें कई दिनों से लगाई जा रही थीं. हालांकि अब खबर आ रही है कि NDA और TVK में गठबंधन की तमाम अटकलों पर अब विराम लग गया है. इसके पीछे की वजह सुपरस्टार रजनीकांत बताए जा रहे हैं.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि टीवीके नेता के जरिए सुपरस्टार रजनीकांत के खिलाफ की गई टिप्पणी पर हुए विवाद के चलते यह गठबंधन नहीं हो पाया है. AIDMK और भाजपा के अब TVK पदाधिकारियों की खुलेआम आलोचना कर रहे हैं. हालांकि न तो सत्ताधारी DMK और न ही रजनीकांत ने इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया दी है.
पिछले कुछ हफ्तों से टीवीके और भाजपा के बीच खुफिया बातचीत की चर्चा जोरों पर थी. भाजपा के नेताओं का दावा था कि एनडीए ने टीवीके से संपर्क किया था और सत्तारूढ़ डीएमके के खिलाफ संयुक्त मोर्चा बनाने के लिए 80 सीटों और उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की थी. यह भी खबरें थीं कि विजय ने संभावित समझौते के तहत मुख्यमंत्री पद की मांग की थी. टीवीके नेताओं ने लगातार इन खबरों का खंडन किया लेकिन करूर रैली भगदड़ मामले में विजय के सीबीआई के सामने पेश होने के लिए दिल्ली जाने के बाद अटकलें और तेज हो गईं.
विवादास्पद बयान की कड़ी निंदा की
इसके अलावा गठबंधन की अटकलों पर विराम लगाते हुए, एआईएडीएमके और भाजपा के नेताओं ने टीवीके के महासचिव आधव अर्जुन के विवादास्पद बयान की कड़ी निंदा की. कुछ दिन पहले, अर्जुन ने दावा किया था कि रजनीकांत ने डीएमके के मुखिया की धमकियों की वजह से राजनीति छोड़ दी. विजय की ‘मानसिक शक्ति’ को दर्शाने के मकसद से दिए गए इस बयान ने तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया.
एआईएडीएमके ने भुनाया मुद्दा
एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने इन टिप्पणियों को राजनीतिक रूप से अशोभनीय बताया और रजनीकांत के बचाव में रैली निकाली, पलानीस्वामी ने कहा,’रजनीकांत एक सम्मानित सिनेमाई हस्ती हैं, जिनकी प्रशंसा राजनीति से परे की जाती है. उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने वाली बातें कहना अस्वीकार्य है. राजनीति में आना एक व्यक्ति का अधिकार है और राजनीति में न आना भी. उन्होंने अपने कारण बताए हैं, और उनका सम्मान किया जाना चाहिए.’ हालांकि उनके इस कदम को रजनीकांत के फैंस को अपने पाले में लेने की कोशिश भी कहा गया. रजनीकांत ने 2020 में कोरोना महामारी का हवाला देते हुए खुद को राजनीति के अलग कर लिया था.
तमिलनाडु: 4-कोणीय मुकाबले में कौन किस रोल में?
INCUMBENT
DMK
सत्ताधारी पार्टी, लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश.
➤ Target: सत्ता बचाना
COMEBACK
AIADMK + BJP
पुराने गठबंधन के सहारे वापसी की जंग, पिछली हारों से उबरने की कोशिश.
➤ Target: वापसी
WILDCARD
TVK (विजय)
स्टार पावर के दम पर नई एंट्री, द्रविड़ राजनीति में बड़ा दांव.
➤ Target: सिस्टम में सेंध
GAMECHANGER
NTK (सीमान)
लगातार अकेले लड़ने वाली पार्टी, वोट कटिंग में अहम भूमिका.
➤ Target: समीकरण बिगाड़ना
गठबंधन टूटा = वोट बंटेगा → सीधी लड़ाई खत्म → नतीजे अनप्रेडिक्टेबल
थोड़ा और डिटेल में समझें समीकरण
अगर इस गठबंधन का कैंसिल मान लिया जाए तो इस बार तमिलनाडु की राजनीति में चार-कोणीय मुकाबला होने की संभावना है. सत्ताधारी डीएमके लगातार दूसरी बार सत्ता में आने का लक्ष्य लेकर चल रही है.
वहीं भाजपा के साथ अपने संबंधों को पुनर्जीवित कर चुकी AIDMK लगातार तीन चुनावी हार के बाद वापसी की कोशिश कर रही है.
इसके अलावा विजय की टीवीके पार्टी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है, जो अभिनेता की लोकप्रियता पर भरोसा कर रही है और सीएन अन्नादुरई और एमजी रामचंद्रन जैसे द्रविड़ दिग्गजों की अभूतपूर्व सफलता को दोहराने की उम्मीद कर रही है, जिन्होंने सार्वजनिक जीवन से राजनीति में अपना दबदबा कायम किया था.
अभिनेता से राजनेता बने सीमान की पार्टी नाम तमिलर काची (एनटीके), जो लगातार अकेले चुनाव लड़ती रही है, राज्य में होने वाले कड़े मुकाबले और बहुकोणीय चुनावी लड़ाई में चौथी प्रमुख पार्टी बनी हुई है.
Bureau Report
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