एक दिन पहले भारी गिरावट के साथ बंद हुए भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार सुबह तेजी देखी गई. सोमवार को एक साल के निचले स्तर के पास बंद हुए शेयर बाजार में आज लिवाली के दम पर तेजी लौटी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान, ग्लोबल लेवल पर क्रूड के दाम में गिरावट और मिडिल ईस्ट में संघर्ष कम होने की उम्मीद ने शेयर बाजार के निवेशकों के मूड में सुधार किया है. मंगलवार सुबह सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा की तेजी के साथ 78,375 अंक पर खुला. वहीं निफ्टी सूचकांक भी 24,280 अंक पर ओपन हुआ. इसके अलावा बैंक निफ्टी में भी तेजी देखी गई.
कारोबारी सत्र की शुरुआत में सेंसेक्स 600 अंक चढ़कर कारोबार करते देखा गया. लेकिन दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में बाद में हल्की गिरावट आई और सुबह करीब 9.30 बजे सेंसेक्स 411 अंक चढ़कर 77,993 अंक पर कारोबार करते देखा गया. निफ्टी सूचकांक 120 अंक की तेजी के साथ 24,150 अंक पर दिखाई दिया. मंगलवार को आई तेजी से लिस्टेड कंपनियों की मार्केट कैपिटलाइजेशन में 4 लाख करोड़ का इजाफा हो गया. पिछले कुछ दिन से मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन के कारण बाजार दबाव में था. एक दिन पहले सोमवार को सेंसेक्स और निफ्टी ने एक साल के दौरान का सबसे खराब प्रदर्शन किया. दोनों सूचकांक गिरकर एक साल के निचले लेवल पर पहुंच गए. आइए जानते हैं शेयर बाजार में तेजी लौटने का कारण-
यूएस-ईरान जंग खत्म होने की उम्मीद
शेयर बाजार में तेजी लौटने का सबसे अहम कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान रहा. ट्रंप ने सोमवार को कहा कि यूएस- ईरान के बीच युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, क्योंकि तेहरान की एयर फोर्स और नेवी को भारी नुकसान पहुंचा है. ट्रंप ने यह भी अनुमान जताया कि दोनों तरफ से चल रहा संघर्ष पहले बताए गए चार हफ्तों से पहले ही समाप्त हो सकता है. 28 फरवरी को यूएस और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, इसका अभी दूसरा हफ्ता चल रहा है.
क्रूड ऑयल कीमत में गिरावट
ट्रंप के बयान के बाद क्रूड ऑयल के दाम तेजी से नीचे आए हैं. ब्रेंट क्रूड सुबह 9:15 बजे करीब 6% गिरकर 99 डॉलर प्रति बैरल के करीब था. बाद में WTI क्रूड को 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेंड करते देखा गया. ट्रंप ने तेल की कीमत को कंट्रोल में रखने के लिए सैंक्शंस हटाने और यूएस नेवी को हॉर्मुज स्ट्रेट में टैंकरों की एस्कॉर्ट करने की बात कही है. G7 देशों ने भी जरूरी कदम उठाने की बात कही है.
रुपये में मजबूती
भारतीय रुपया भी रिकॉर्ड लेवल से उछला है. सुबह के कारोबार में यह 23 पैसे मजबूत होकर 91.98 पर पहुंच गया. सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 92.33 पर बंद हुआ था. इससे पहले यह ऑल-टाइम लो 92.35 पर पहुंच गया था. जंग और तेल कीमत के डर से रुपया कमजोर हुआ, लेकिन अब सुधार से बाजार का मूड बेहतर हुआ है.
मेजर सेक्टर में वैल्यू बाइंग
शेयर बाजार में मंगलवार को बैंक निफ्टी, फाइनेंशियल सर्विसेज, ऑटो और फार्मा जैसे प्रमुख इंडेक्स सुबह 1% से ज्यादा चढ़ गए. हालिया गिरावट के बाद क्वालिटी स्टॉक्स में वैल्यू बाइंग हुई. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा कि मार्केट करेक्शन से बड़े कैप स्टॉक्स सस्ते हो गए थे. फाइनेंशियल्स, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल और डिफेंस जैसे सेक्टर्स में निवेशक खरीदारी कर रहे हैं.
डॉलर और यूएस बॉन्ड यील्ड में कमी
डॉलर इंडेक्स आधा फीसदी गिरा और 10 ईयर यूएस बॉन्ड यील्ड 4.2% से घटकर 4% के करीब आ गई. इससे निवेशकों का रिस्क ऐपेटाइट बढ़ा, क्योंकि जियोपॉलिटिकल रिस्क कम होने के संकेत मिल रहे हैं. सेफ्टी की होड़ कम हुई और इक्विटी की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है. इन 5 कारणों से भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिल रही है.
Bureau Report
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