गृह मंत्री अमित शाह ने पुंछ नगर स्थित डाक बंगला में पाकिस्तानी गोलाबारी में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों और घायलों से मिले। इस दौरान उन्होंने मृतकों के परिजनों को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान किए। अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर का विकास रुकेगा नहीं थमेगा नहीं। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर सरकार ने नॉर्म्स के हिसाब से सहायता कर दी है और भारत सरकार भी व्यापारिक संस्थानों में हुई क्षति के लिए एक पैकेज लेकर आएगी।
उन्होंने जम्मू कश्मीर के प्रशासन और सुरक्षा बलों की सराहना की और कहा कि वे हर चीज का जवाब देने के लिए सक्षम हैं। अमित शाह ने कहा कि तीन दिन की आफत में प्रशासन जनता के साथ खड़ा हुआ था और एक प्रशासनिक अधिकारी को भी अपना बलिदान देना पड़ा।
इससे पहले कल गृहमंत्री ने अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, आतंकवाद के सफाए, घुसपैठ पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए राजभवन जम्मू में उच्च स्तरीय बैठक की थी। गृहमंत्री ने कहा है कि सरकार की आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। भारत अपने लोगों की सुरक्षा और संप्रभुता को बचाने के लिए दुश्मन को घर में घुसकर मारने में विश्वास रखता है।
गृहमंत्री बृहस्पतिवार को शाम साढ़े सात बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच जम्मू पहुंचे। रात करीब साढ़े आठ बजे गृहमंत्री की अध्यक्षता में राजभवन जम्मू उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक शुरू हुई। इसमें अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा, आतंकरोधी अभियान, भारत-पाकिस्तान संघर्ष के बाद की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा हुई।
भयमुक्त हो अमरनाथ यात्रा
बैठक में अमरनाथ यात्रा भयमुक्त और सुरक्षित बनाने के लिए तैयार किए गए प्लान पर विस्तृत चर्चा हुई। यात्रा मार्ग पर सुरक्षाबलों की तैनाती, सभी सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और मजबूत सुरक्षा ग्रिड बनाने को कहा गया। गृहमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों को अमरनाथ यात्रा को भयमुक्त और सुरक्षित बनाने का निर्देश दिया। सीमापार से घुसपैठ की हर कोशिश को विफल करने को कहा। भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने जम्मू संभाग के सीमावर्ती व शहरी इलाकों को निशाना बनाया था।
Bureau Report
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