मौजूदा संवेदनशील हालात के बीच दुबई पुलिस ने एक बड़े साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी की है. पुलिस के अनुसार, कुछ ठग खुद को “दुबई क्राइसिस मैनेजमेंट” से जुड़ा अधिकारी बताकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं. वे दावा करते हैं कि उनका संबंध दुबई पुलिस से है और किसी जरूरी प्रक्रिया के लिए व्यक्तिगत जानकारी चाहिए. इन ठगों का असली मकसद लोगों की डिजिटल पहचान से जुड़ी जानकारी हासिल करना है, खासकर UAE Pass और अमीरात आईडी (EID) से जुड़ी डिटेल्स.
कौन-कौन सी जानकारी निशाने पर?
दुबई पुलिस के मुताबिक, ठग खास तौर पर UAE Pass की जानकारी और अमीरात आईडी का डेटा मांग रहे हैं. UAE Pass एक डिजिटल पहचान प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिए सरकारी और बैंकिंग सेवाओं तक ऑनलाइन पहुंच मिलती है. अगर कोई व्यक्ति अपनी यह जानकारी शेयर कर देता है, तो ठग उसके मोबाइल नंबर पर सिम स्वैप कर सकते हैं. सिम स्वैप का मतलब है कि आपकी मोबाइल सिम को डुप्लिकेट कर लिया जाता है, जिससे आपके OTP और बैंक अलर्ट सीधे ठगों तक पहुंचने लगते हैं.
कैसे हो सकता है बैंक अकाउंट खाली?
जब ठग सिम स्वैप के जरिए आपके मोबाइल नंबर पर कंट्रोल पा लेते हैं, तो वे बैंकिंग ऐप्स में लॉगिन कर सकते हैं. OTP उनके पास पहुंचता है और वे आपके अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कर सकते हैं. दुबई पुलिस ने साफ किया है कि इस तरह की जानकारी शेयर करना बेहद खतरनाक हो सकता है. एक छोटी सी गलती आपके पूरे बैंक बैलेंस को खतरे में डाल सकती है.
दुबई पुलिस ने क्या कहा?
दुबई पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वह कभी भी फोन कॉल या मैसेज के जरिए किसी से गोपनीय जानकारी, पासवर्ड या वेरिफिकेशन कोड नहीं मांगती. अगर कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर ऐसी जानकारी मांगता है, तो समझ लें कि यह धोखाधड़ी हो सकती है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपनी निजी या बैंकिंग जानकारी किसी भी अनजान या संदिग्ध व्यक्ति के साथ साझा न करें.
ठगी की कोशिश हो तो क्या करें?
अगर आपको ऐसा कोई कॉल, मैसेज या लिंक मिलता है जिसमें व्यक्तिगत जानकारी मांगी जाती है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं. दुबई पुलिस ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की शिकायत आधिकारिक चैनलों के जरिए की जानी चाहिए. लोग 901 नंबर पर कॉल कर सकते हैं या ई-क्राइम प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं. समय रहते शिकायत करने से बड़ी वित्तीय हानि रोकी जा सकती है.
Bureau Report
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