राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार का सियासी पारा काफी चढ़ा हुआ है. जेडीयू की ओर से इस बार रामनाथ ठाकुर और नीतीश कुमार ने नामांकन दाखिल किया है. वहीं हरिवंश नारायण सिंह को कुर्बानी देनी पड़ी. अब ना सिर्फ हरिवंश बाबू की सियासी पारी पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि राज्यसभा के उपसभापति पद भी खतरे में पड़ गया है. आने वाले समय में राज्यसभा के उपसभापति पद पर चुनाव कराने की आवश्यक्ता पड़ा सकती है. मौजूदा समय में विपक्ष के तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार के लिए यह बिल्कुल भी आसान नहीं होगा.
कौन हो सकता है अगला उपसभापति?
सियासी गलियारों में चर्चा है कि मौजूदा समय में विपक्ष के तेवरों को देखते हुए भाजपा नेतृत्व उपसभापति चुनाव कराने का जोखिम नहीं लेना चाहेगा. सियासत के जानकारों का कहना है कि हरिवंश बाबू को मनोनयन के जरिए उच्च सदन भेजा जा सकता है. वहीं अगर हरिवंश को फिर से मौका नहीं मिला तो सदन का उपसभापति का पद किसके खाते में जाएगा? बता दें कि केंद्र की एनडीए सरकार में राज्यसभा में उपसभापति का पद जेडीयू के पास था, लिहाजा उसे ही यह पद मिल सकता है.
संजय झा को मिल सकता है मौका
राज्यसभा चुनाव संपन्न होने के बाद उच्च सदन में जेडीयू के 4 सांसद होंगे, जिनमें नीतीश कुमार, रामनाथ ठाकुर के अलावा संजय झा और खीरू महतो का नाम शामिल है. रामनाथ ठाकुर पहले से ही केंद्र सरकार में मंत्री में हैं और नीतीश कुमार का स्वास्थ्य उन्हें इतनी बड़ी जिम्मेदारी उठाने की इजाजत नहीं देता है. अब बचे दो नाम- संजय झा और खीरू महतो. खीरू महतो, झारखंड में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष हैं और 2028 तक उच्च सदन में रहेंगे. इनकी दावेदारी इनके झारखंड से होने के कारण कमजोर हो जाती है. ऐसे में जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा इकलौते नाम बचते हैं, जिन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.
नीतीश कुमार के लिए भी बड़ा प्लान तैयार!
नीतीश कुमार को अब राष्ट्रीय राजनीति में समाहित करने की योजना चल रही है और उन्हें उनके कद के हिसाब से कोई पद दिए जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं. सूत्रों के मुताबिक, केंद्र की एनडीए सरकार में नीतीश कुमार को डिप्टी पीएम बनाने की चर्चा हो रही है. सियासी जानकारों का कहना है कि नीतीश कुमार ने जिस तरह से अपना एग्जिट प्लान तैयार किया, उससे उनके लिए सिंपैथी और ज्यादा बढ़ गई है. नीतीश कुमार का कोर वोटर इस घटनाक्रम के लिए भाजपा को जिम्मेदार मान रहा है और खासा नाराज भी है. अब भाजपा आलाकमान की ओर से नीतीश कुमार को डिप्टी PM बनाकर उनके वोटरों को खुश करने की कोशिश की जा सकती है.
Bureau Report
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