बंगाल में चुनावी रणभेरी बज चुकी है. बीजेपी के बाद सीएम ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने भी प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है. राज्य की 294 में से टीएमसी ने 291 सीटों पर प्रत्याशी उतारकर तीन सीटें छोड़ दीं. ये तीन सीटें पर्वतीय दार्जिलिंग हिल्स एरिया की हैं. टीएमसी ने इन सीटों को अपनी सहयोगी भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (Bharatiya Gorkha Prajatantrik Morcha) यानी BGPM को देने का ऐलान किया है. इसको बीजेपी के खिलाफ बड़ा दांव माना जा रहा है, क्योंकि दार्जिलिंग सीट से बीजेपी कई बार लोकसभा चुनाव जीत चुकी है. इस क्षेत्र में पार्टी का प्रभाव भी माना जाता रहा है. ऐसे में टीएमसी का दांव बीजेपी के लिए चुनौती माना जा रहा है.
भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा
बीजीपीएम की स्थापना 9 सितंबर 2021 को हुई थी. गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के विभाजन के बाद बीजीपीएम की स्थापना हुई थी. नई पार्टी के अस्तित्व में आने के बाद यानी 2012 से ही इसका इसका टीएमसी से गठबंधन है. दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिले में इसका प्रभाव माना जाता है. इसके नेता अनित थापा हैं.
सोमवार को जब सीएम ममता बनर्जी ने अपने 291 प्रत्याशियों का ऐलान किया तो उसके साथ यह भी कहा कि वे अपनी सहयोगी दल भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा (BGPM) को तीन सीटें दे रही हैं. अनित थापा की पार्टी दार्जिलिंग, कर्सियांग और कलिम्पोंग विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ेगी. सीटों के बंटवारे पर बनर्जी ने पुष्टि की, “TMC तीन सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी, हमने इस बारे में अनित थापा से बात की है. TMC 291 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.”
टीएमसी की लिस्ट
ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से भारतीय जनता पार्टी के नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ेंगी. TMC मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य को दम दम उत्तर सीट से, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा को कमरहटी सीट से, तृणमूल कांग्रेस के मंत्री और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को कोलकाता पोर्ट सीट से, कुणाल घोष को बेलेघाटा सीट से, और डॉ. शशि पांजा को श्यामपुकुर सीट से मैदान में उतारा गया है. हालांकि पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी को बेहाला पश्चिम से टिकट नहीं मिला, और उनकी जगह इस बार रत्ना चटर्जी चुनाव लड़ेंगी.
‘दिल्ली का लड्डू’
प्रत्याशियों के ऐलान के साथ ही सीएम ममता ने बीजेपी पर तीखा हमला बोलते हुए उसकी चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ने LPG गैस का संकट पैदा कर दिया है. बनर्जी ने कहा, “उम्मीदवारों की सूची जारी करने से पहले, मैं बंगाल की जनता का धन्यवाद करती हूं. मैं ‘मां माटी मानुष’ और ‘बांग्लार संस्कृति’ सभी को समर्पित करती हूं, और 294 सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी करती हूं. मैं BJP से कुछ कहना चाहती हूं – आप डर क्यों रहे हैं? अगर आप लड़ना चाहते हैं तो गैस का संकट पैदा न करें; सही तरीके से मैदान में आएं. ECI, आपने बहुत बढ़िया खेल खेला…BJP के पास कोई मौका नहीं है. इस बार पिछली बार की तुलना में आपकी सीटें कम हो जाएंगी. यह पश्चिम बंगाल के अस्तित्व की लड़ाई है. बंगाल जीतेगा. ‘दिल्ली का लड्डू’ नहीं जीतेगा.”
ममता बनर्जी ने राज्य में केंद्रीय प्रशासन को लेकर भी चिंता जताई और दावा किया कि BJP के नेतृत्व वाली NDA सरकार ने उनकी सारी शक्तियां छीन ली हैं. उन्होंने आगे कहा, “उन्होंने मेरी सारी शक्तियाँ छीन ली हैं. अगर प्राकृतिक आपदाओं जैसी कोई समस्या आती है, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? अगर कानून-व्यवस्था से जुड़ी कोई समस्या आती है, तो इसकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? मेरे सभी बंगाली अधिकारियों को हटा दिया गया है, यहाँ तक कि विनीत कुमार और मुरलीधर जैसे गैर-बंगाली अधिकारियों को भी. केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं – उनकी ज़िम्मेदारी कौन लेगा? बाहरी लोग यहां इसलिए आए हैं क्योंकि उनके पास पैसा है.अगर यहां कुछ भी होता है, तो मुझे दोष मत देना.”
Bureau Report
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