केरल की सियासी बिसात दो धुरी पर टिकी मानी जाती है. यहां हमेशा कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ और वामदलों के नेतृत्व वाले सत्ताधारी एलडीएफ के बीच मुकाबला होता रहा है. आमतौर पर यहां सत्ता की धुरी एक बार लेफ्ट और पांच साल बाद कांग्रेस की तरफ घूमती रही है, लेकिन पिछले 10 वर्षों से सत्ता एलडीएफ के पास है. लेकिन बीजेपी इस बार बड़ा असर छोड़ने के मूड में है.
इसी सिलसिले में बीजेपी ने केरल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की. पार्टी ने धर्मदम से केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ के.रंजीत को मैदान में उतारा है. इस बीच, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने गुरुवार को धर्मदम विधानसभा क्षेत्र से अपना नामांकन दाखिल किया. मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन को अरनमुला से मैदान में उतारा गया है. BJP ने कासरगोड से अश्विनी ML, एर्नाकुलम से PR शिवशंकर, परावूर से वत्सला प्रसन्ना कुमार और कोंगाड से रेणु सुरेश को उम्मीदवार बनाया है.
इससे पहले BJP ने 19 मार्च को 47 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की थी, जिसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर को नेमोम सीट से और भारत के पूर्व केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री V. मुरलीधरन को कझाकूटम सीट से मैदान में उतारा गया था.
इससे पहले, कांग्रेस ने 55 उम्मीदवारों की अपनी सूची की घोषणा की थी. पार्टी ने केरल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सन्नी जोसेफ को पेरावूर सीट से मैदान में उतारा. विपक्ष के नेता VD सतीशन को परावूर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. पूर्व सांसद और कांग्रेस के दिग्गज नेता, केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय उद्योग मंत्री K. करुणाकरण के बेटे K. मुरलीधरन को वट्टियूरकावु सीट से मैदान में उतारा गया है.
गौरतलब है कि केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे, और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. 140 सदस्यीय मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त होने वाला है.
Bureau Report
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