भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत पॉजिटिव नोट पर की है. सरकार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल 2026 में देश का कुल GST कलेक्शन ₹2.42 लाख करोड़ दर्ज किया गया है. ये पिछले साल की समान अवधि से 8.7% अधिक है. ये बढ़ोतरी बताती है कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद घरेलू आर्थिक गतिविधियां स्थिर बनी हुई हैं और बाजार में मांग बरकरार है.
अप्रैल में क्यों बढ़ जाता है GST कलेक्शन?
GST कलेक्शन के लिहाज से अप्रैल आमतौर पर सबसे मजबूत महीनों में गिना जाता है. इसकी बड़ी वजह ये है कि मार्च में वित्तीय वर्ष के समापन के साथ कंपनियां अपने बकाया टैक्स का निपटान करती हैं. पिछले साल अप्रैल 2025 में ₹2.37 लाख करोड़ का कलेक्शन हुआ था.
नेट कलेक्शन और रिफंड का क्या हाल रहा?
अगर नेट GST कलेक्शन पर नजर डालें, तो अप्रैल 2026 में ये ₹2.11 लाख करोड़ रहा, ये सालाना आधार पर 7.3% की ग्रोथ को दर्शाता है. भले ही यह ग्रॉस कलेक्शन जितना तेज नहीं है, लेकिन स्थिर आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है. वहीं, रिफंड के मोर्चे पर भी तेजी देखने को मिली है. कुल रिफंड 19.3% बढ़कर ₹31,793 करोड़ तक पहुंच गया. इससे साफ है कि सरकार समय पर रिफंड जारी कर रही है. इससे कारोबारियों के लिए कैश फ्लो बेहतर बना रहता है.
महाराष्ट्र-कर्नाटक सबसे आगे
अप्रैल महीने में कई राज्यों ने स्टेट GST (SGST) कलेक्शन में सालाना आधार पर मजबूत बढ़त दर्ज की. टॉप परफॉर्मर्स की बात करें तो महाराष्ट्र में 40% की शानदार ग्रोथ देखने को मिली, जबकि कर्नाटक ने इससे भी आगे बढ़ते हुए 42% की तेजी दर्ज की. तेलंगाना में भी 36% की मजबूत ग्रोथ रही. वहीं, पुडुचेरी ने सबसे ज्यादा चौंकाते हुए 108% की जबरदस्त छलांग लगाई.
कुछ राज्यों में सुस्ती
जहां कई राज्यों में तेजी दिखी, वहीं कुछ क्षेत्रों का प्रदर्शन कमजोर रहा. लद्दाख में SGST कलेक्शन में 8% की गिरावट दर्ज की गई. झारखंड में कलेक्शन लगभग स्थिर रहा और सालाना आधार पर कोई खास बदलाव नहीं देखा गया.
Bureau Report
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