उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले से भ्रष्टाचार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सरकारी सिस्टम की पोल खोलकर रख दी है. जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में एक चपरासी ने अधिकारियों की नाक के नीचे से करोड़ों रुपये पार कर दिए. हैरानी की बात यह है कि इस 8 करोड़ के गबन में पुलिस ने अब तक मुख्य जिम्मेदार अधिकारियों को हाथ भी नहीं लगाया है. केवल मोहरा बनाई गई 7 महिलाओं को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है.
कैसे शुरू हुआ 8 करोड़ का खेल
इस पूरे मामले की शुरुआत 13 फरवरी 2026 को हुई थी. तब DIOS ने अपने चपरासी इल्हाम उर्रहमान शम्सी के खिलाफ एक करोड़ रुपये के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. आरोप था कि चपरासी ने अपनी पत्नी अर्शी खातून के खाते में सरकारी पैसा ट्रांसफर किया. लेकिन जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, यह आंकड़ा 1 करोड़ से बढ़कर 8.15 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.
बिना अधिकारियों की मिलीभगत के नामुमकिन!
सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक चपरासी जिसके पास फंड ट्रांसफर करने का कोई अधिकार नहीं होता, उसने इतनी बड़ी रकम कैसे निकाल ली? यह पूरा पैसा DIOS कार्यालय के बाबुओं, खुद जिला विद्यालय निरीक्षक और ट्रेजरी ऑफिस के अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर से ट्रांसफर किया गया था. पुलिस की जांच में सामने आया कि ट्रेजरी ऑफिस से कई लोगों को फर्जी तरीके से टीचर दिखाया गया और सैलरी मद में करोड़ों रुपये उनके खातों में भेज दिए गए.
रिश्तेदारों के खातों में पहुंचा पैसा
पुलिस ने अब इस मामले में इल्हाम शम्सी की सात महिला रिश्तेदारों को गिरफ्तार किया है. इनमें उसकी दो पत्नियां लुबना और अजारा खान, साली फातिमा, सास नाहिद, रिश्तेदार आफिया खान, परवीन खातून और आशकारा परवीन शामिल हैं. इन सभी के खातों में करोड़ों रुपये भेजे गए थे. पुलिस का दावा है कि उन्होंने अब तक 5 करोड़ रुपये फ्रीज करवा दिए हैं.
शिकंजे में कब आएंगे असली गुनहगार?
इस कार्रवाई ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इसे ऐसे समझा जा सकता है कि पुलिस ने उस हथियार को तो जब्त कर लिया जिससे वारदात हुई, लेकिन उस हाथ को नहीं पकड़ा जिसने ट्रिगर दबाया था. जिन अधिकारियों के साइन से सरकारी खजाना लुटाया गया, वे अब भी खुलेआम घूम रहे हैं. चर्चा है कि यह गबन 8 करोड़ से भी कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता है.
अपर पुलिस अधीक्षक विक्रम दहिया का कहना है कि जांच अभी जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इल्हाम शम्सी ने इलाहाबाद से जमानत ले ली है, जबकि उसके घर की महिलाएं जेल में हैं.
Bureau Report
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