अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव से दुनियाभर की एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ा है. कई देशों में तेल और गैस की किल्लत होने लगी. भारत में भी सोशल मीडिया के जरिये तेल और गैस क्राइसिस की अफवाह फैलाई गई. लेकिन अब सरकरी तेल कंपनी ने इस तरह की किसी भी अफवाह से दूर रहने के लिए अपील की है. कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में भी यह दावा किया जा रहा है कि पेट्रोल- डीजल के रेट में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी किये जाने के बाद पेट्रोल पंप डिमांड से कम तेल दे रहे हैं. इस सबके बीच देश की सबसे बड़ी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) ने पेट्रोल और डीजल की लिमिटेड बिक्री यानी राशनिंग की अफवाह को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
इंडियन ऑयल की तरफ से अपने सभी डीलर्स को सख्ती से निर्देश जारी कर कहा गया है, जब तक राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन से किसी प्रकार का कोई विशेष आदेश नहीं मिले, तब तक पेट्रोल-डीजल की बिक्री पर किसी तरह की रोक नहीं लगाएं. कंपनी ने इंटरनल मैसेज में साफ चेतावनी दी है कि तेल की सप्लाई को रोकने या लिमिटेड करने वाले डीलर्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. आपको बता दें पिछले कुछ दिनों में देश के पेट्रोल पंपों पर ईंधन की मांग में अचानक भारी तेजी आई है. इंडियन ऑयल के अनुसार, बड़े और थोक (Bulk) कस्टमर सीधे आम रिटेल पेट्रोल पंपों से तेल की खरीद कर रहे हैं.
कंपनी ने डीलर्स को भरोसा दिलाया
यही कारण है कि तेल की डिमांड का ग्राफ तेजी से ऊपर की तरफ जा रहा है. इस हालात को संभालते हुए कंपनी ने डीलर्स को भरोसा दिलाया है कि नेटवर्क में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे डीलरों के साथ लगातार संपर्क में रहें ताकि समय पर स्टॉक पहुंचता रहे और सप्लाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आए. ईंधन की किल्लत की अफवाह इस हफ्ते पेट्रोल और डीजल की कीमत में हुई बढ़ोतरी के बाद शुरू हुईं है.
पांच दिन में दो बार कीमत में इजाफा
आपको बता दें तेल कंपनियों की तरफ से पांच दिन के अंदर दो बार कीमत में इजाफा किया गया है. सरकारी तेल कंपनियों ने पहले 15 मई को पेट्रोल-डीजल के रेट में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करने का ऐलान किया. इसके कुछ दिन बाद 19 मई को फिर से दाम में इजाफा किया गया. इस बार यह बढ़ोतरी करीब 90 पैसे प्रति लीटर की रही. हालिया दोनों बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर हो गया है.
लगातार ऊंचे बने हुए हैं क्रूड ऑयल के प्राइस
दरअसल, मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच क्रूड ऑयल की ग्लोबल कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं. इससे सरकारी तेल कंपनियों पर भारी वित्तीय दबाव है. तेल कंपनियां नुकसान से बचने के लिए धीरे-धीरे कीमत में इजाफा कर रही हैं. दूसरी तरफ आज सुबह से क्रूड ऑयल की कीमत में भी इजाफा देखा जा रहा है. शुक्रवार सुबह ब्रेंट क्रूड चढ़कर 105 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 98 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया.
Bureau Report
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