अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बनने और होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद से क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट देखी जा रही है. ग्लोबल लेवल पर आ रही पॉजिटिव खबरों के बीच भारतीय मुद्रा यानी रुपये के लिए हफ्ते की शुरुआत बेहद शानदार रही. इसी का असर रहा कि हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 40 पैसे की मजबूती के साथ 95.2 रुपये के लेवल पर पहुंच गया. घरेलू शेयर बाजार में तेजी, क्रूड की कीमत में गिरावट और सोने-चांदी में तेजी अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद के चलते देखी जा रही है.
इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में रुपया सोमवार सुबह डॉलर के मुकाबले 95.36 पर खुला और कुछ ही देर में मजबूत होकर 95.20 के लेवल पर आ गया. इससे पहले बीते शुक्रवार को भी घरेलू करेंसी मार्केट में जबरदस्त तेजी आई थी और यह 75 पैसे की मजबूती के साथ 95.60 के लेवल पर बंद हुआ था. डॉलर के मुकाबले रुपये में यह रिकवरी इसलिए बेहद अहम है क्योंकि 28 फरवरी को मिडिल ईस्ट संकट शुरू होने के बाद से रुपया लगातार टूट रहा था. इस दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 6 फीसदी से भी ज्यादा टूट चुका है.
अमेरिका और भारत के लिए फायदेमंद होगा ट्रेड एग्रीमेंट
बाजार से जुड़े जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच होने वाला यह ट्रेड एग्रीमेंट समझौता अमेरिका और भारत दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा. फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी हेड और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली के अनुसार सोमवार को अमेरिका में छुट्टी होने के कारण डॉलर की कैश डिमांड कम रहने की उम्मीद है. हालांकि, महीने के आखिर में डिमांड थोड़ी बढ़ सकती है.
डॉलर की हलचल पर नजर रख रहा आरबीआई
दूसरी तरफ रुपये की मजबूती के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) डॉलर की हर हलचल पर नजर बनाए हुए है. रुपये में यह मजबूती उन संकेतों के बाद आई है, जिसमें कहा जा रहा है कि अमेरिका और ईरान ने पिछले तीन महीने से चली आ रही जंग को समाप्त करने के लिए समझौते पर ‘काफी हद तक बातचीत’ पूरी कर ली है. भले ही जमीनी लेवल पर बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन टॉप लीडरशिप के लेवल पर अभी थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है.
अमेरिका और भारत ट्रेड एग्रीमेंट के बेहद करीब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वार्ताकारों से कहा कि वे एग्रीमेंट में जल्दबाजी न करें, बल्कि दोनों पक्षों को पूरा समय लेकर इसे सही तरीके से अंजाम देना चाहिए. दूसरी तरफ व्यापारिक मोर्चे एक और अच्छी खबर यह है कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इशारा दिया है कि अमेरिका और भारत एक ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं. अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (US Trade Representative) के जल्द भारत दौरे पर आने की उम्मीद है. रुबियो के भारत आने से बातचीत और आगे बढ़ सकती है.
क्रूड ऑयल के दाम में भी आई गिरावट
ग्लोबल हालात में आए सुधार का असर बाकी सेक्टर पर देखा जा रहा है. दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.20 फीसदी गिरकर 99.04 पर आ गया है. वहीं कमोडिटी मार्केट में ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा बिजनेस में 5.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.92 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. इससे भारत के आयात बिल का बोझ कम होगा. चारों तरफ से आ रहे सकारात्मक माहौल का असर दलाल स्ट्रीट पर भी दिखा. यहां शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 908.98 अंक उछल गया.
Bureau Report
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