बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अहम मुलाकात की है. बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके साथ जेडीयू नेता संजय झा भी मौजूद थे. अभी इस मुलाकात पर बीजेपी या जेडीयू की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जा रहा है कि इस दौरान बांकीपुर उपचुनाव में हुई हार की चर्चा हो सकती है.
संसद के मॉनसून सत्र के तीसरे हफ्ते में जैसे ही दोनों मुलाकात की खबर सामने आई, दिल्ली से लेकर बिहार तक की सियासी गली में तरह-तरह चर्चाओं का बाजार गर्मा गया. माना जा रहा है कि यह मुलाकात बांकीपुर में बीजेपी की हार और जनसुराज प्रमुख पीके की जीत के संबंध में हुई होगी. आपको बताते चलें कि बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन चुके नितिन नवीन की परंपरागत सीट, जो उनके ही विधायकी छोड़ने से खाली हुई थी, उसी सीट पर हार के बाद इस पर चर्चा न हो, ऐसी कल्पना करना भी कुछ अटपटा सा लगता है.
दरअसल बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट जो दशकों से बीजेपी का गढ़ मानी जाती थी, ये सीट1995 से लगातार बीजेपी के पास थी. पहले नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा और बाद में उनके बेटे नितिन नवीन यहां से लगातार चुनाव जीतते रहे. इसलिए इस हार को कोई भी सामान्य घटना मानने को राजी नहीं है.
हां उपचुनाव में मिली हार को न सिर्फ भारतीय जनता पार्टी बल्कि एनडीए के भीतर गंभीर सुगबुगाहट शुरू कर दी है. भले ही ये महज एक सीट की हार हो, लेकिन बीजेपी और जेडीयू दोनों दलों के कुछ नेताओं का मानना है कि यह सिर्फ चुनावी हार नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी है.
जेडीयू विधायक अनंत कुमार का बड़ा बयान
सीएम नीतीश कुमार को अपना राजनीतिक गुरू मानने वाले विधायक अनंत कुमार ने दो टूक प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि अगर नीतीश कुमार ही बिहार के मुख्यमंत्री होते तो इस हार का मुंह न देखना पड़ता. अनंत कुमार ने कहा, ‘नीतीश कुमार को जिस तरह हटाया गया, उससे बिहार के लोग बीजेपी से नाराज हैं.’
वहीं भारतीय जनता पार्टी में पार्टी आलाकमान से इतर अन्य नेता बांकीपुर की हार पर या तो चुप्पी साधे हैं या फिर नपे तुले शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
बांकीपुर जीत के बाद पीके का पहला बयान
बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद जनसुराज नेता पीके ने बड़े सहज भाव में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा. ‘सीएम से मेरी व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है. किसी काबिल आदमी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाइए ताकि बिहार का विकास हो. ये बांकीपुर की जनता की जीत है. ये चुनाव विधायक बनाने का चुनाव नहीं था. बिहार की जनता ने बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व को एक संदेश दिया है. बिहार की जनता यह चाहती है कोई अच्छा व्यक्ति मुख्यमंत्री हो. बिहार में शिक्षा हो, रोजगार हो और लोगों को पलायन ना करना पड़े.’
Bureau Report
Leave a Reply