बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने एक हालिया पॉडकास्ट में अपनी जिंदगी, सोच और राजनीतिक से जुड़े एक्सपीरियंस को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने साफ किया कि भले ही वे ऑफिशियिली किसी दल या संगठन से नहीं जुड़े हैं, लेकिन उनके दिल में कुछ खास शख्सियतों के लिए बहुत सम्मान है. उन्होंने बताया कि वे दिल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और उसके प्रमुख मोहन भागवत के बड़े फैंस हैं. उनका ये जुड़ाव किसी ऑफिशियल या राजनीतिक फायदे के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह से पर्सनल है.
सुरेश ओबेरॉय ने उनके साथ उस खास मुलाकात को याद करते हुए बताया कि एक बार उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत जी को अपने घर नाश्ते का बुलाया था. वे उनके घर आए, पूरा परिवार बेहद खुश हुआ. उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी बहुत ही टेस्टी हलवा बनाती हैं और उन्होंने बड़े प्यार से मोहन भागवत जी को हलवा परोसा, जो उन्हें काफी पसंद आया. हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि वे संघ के किसी इवेंट या परेड में हिस्सा नहीं लेते हैं. वे सिर्फ दूर से उनकी आइडियोलॉजी का सपोर्ट करते हैं, जो उनको पसंद है.
जंतर-मंतर प्रदर्शन और सेलिब्रिटीज पर सवाल
इसी दौरान उन्होंने जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक को लेकर CJP के विरोध प्रदर्शन को लेकर भी बात की और कई सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि वे खुद कभी ऐसे मामलों पर बिना सोचे-समझे नहीं बोलते. उन्होंने उन फिल्मी हस्तियों पर सवाल उठाए जो बिना पूरी जानकारी के ऐसे प्रोटेस्ट्स का सपोर्ट करने पहुंच जाती हैं. दिग्गद अभिनेता का मानना है कि मशहूर लोगों को बोलने से पहले ये देखना और समझना चाहिए कि प्रोटेस्ट के पीछे कौन है और इसमें असली स्टूडेंट्स हैं या उपद्रव मचाने वाले लोग शामिल हैं.
विदेशी साजिश और अमेरिकी एडवाइजरी का जिक्र
सुरेश ओबेरॉय ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में विदेशी ताकतों के शामिल होने की भी आशंका जताई. निधि वासंदानी के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि संसद मार्च के ऐलान से पहले ही 17 जुलाई को अमेरिकी दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी एडवाइजरी जारी कर दी थी. इस एडवाइजरी में 20 और 21 जुलाई को सेंट्रल दिल्ली के इलाकों में भारी भीड़ और हंगामे की चेतावनी दी गई थी. अभिनेता ने सवाल उठाया कि जब प्रोटेस्ट का ऐलान बाद में हुआ, तो विदेशी एजेंसियों को इसकी भनक पहले से कैसे लगी?
फंडिंग और एक्टरों की भूमिका पर खुलासा
प्रदर्शनों के पीछे के पैसों के खेल पर बोलते हुए अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने कहा कि आजकल हर तरफ इस बात की चर्चा है कि इन आंदोलनों के लिए फंडिंग कहां से आ रही है? उन्होंने दावा किया कि ऐसी खबरें भी सामने आ रही हैं कि कुछ जाने-माने अभिनेता भी इसके लिए पैसे ले रहे हैं. ओबेरॉय ने साफ शब्दों में कहा कि उनका काम सिर्फ अभिनय करना है और वे कभी किसी विरोध प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनेंगे. उन्होंने कहा कि किसी भी कलाकार को एक्टिविस्ट बनने के चक्कर में अपनी जिम्मेदारी नहीं भूलनी चाहिए.
हिंसक प्रदर्शन और पत्थरबाजी पर सख्त रुख
निधि वासंदानी के पॉडकास्ट में बातचीत के आखिर में अभिनेता सुरेश ओबेरॉय ने हिंसक प्रदर्शनों और पुलिस पर हमलों को लेकर अपनी कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि कुछ लोग रातों-रात स्टार बनने या चर्चा में आने के लिए पत्थरबाजी का सहारा लेते हैं, जो पूरी तरह से गलत और शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था संभालने वाली पुलिस पर हाथ उठाना बेहद हास्यास्पद और गैर-जिम्मेदाराना हरकत है. लोकतंत्र में अपनी बात शांति से रखनी चाहिए, न कि हिंसा फैलाकर देश और समाज का नुकसान करना चाहिए.
Bureau Report
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