चीन ने किया विलेन वाला काम, अचानक छोड़ा पानी, नेपाल में आ गई भयंकर बाढ़, बह गए घर-पुल

चीन ने किया विलेन वाला काम, अचानक छोड़ा पानी, नेपाल में आ गई भयंकर बाढ़, बह गए घर-पुल

उत्तरी नेपाल के रसुआ में अचानक आए फ्लैश फ्लड से भारी तबाही हुई है. बहाव की दिशा में पड़ने वाले कई जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सुबह करीब 9 बजे भोटे कोशी नदी में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ा. हिमालयन टाइम्स के मुताबिक, यह पानी चीन की ओर से आया था. नेपाल सेना ने एक बयान में कहा कि पानी के अचानक बढ़ने से रसुआ जिले के तिमुरे और पास के स्याफ्रुबेसी इलाके में भारी तबाही हुई, जिसमें गाड़ियां, सामान और अन्य संपत्तियां बह गईं. रसुआ जिला काठमांडू के उत्तर-पूर्व में, तिब्बत सीमा से लगभग 125 किलोमीटर दूर स्थित है.

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने एक बयान जारी कर रसुआ, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी के किनारे रहने वाले लोगों से हाई अलर्ट पर रहने और अगली सूचना तक सुरक्षा उपाय अपनाने को कहा है.

‘पानी का बहाव बहुत ज्यादा था’

रसुआ के सहायक मुख्य जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने कहा कि तिब्बत की ओर से आए पानी का स्तर असामान्य रूप से बहुत ज्यादा था और दो बस्तियों को भारी नुकसान पहुंचा है. रसुआ के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में रखी कई गाड़ियां और सामान बह गए. हाल ही में बना एक पुल भी नष्ट हो गया. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा है कि इस विनाशकारी बाढ़ को देखते हुए बचाव और राहत कार्यों को तेज करने के लिए रसुआ और आसपास के इलाकों में नेपाल सेना, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस के जवानों को तैनात किया गया है. प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बाढ़ के बाद की स्थिति पर चर्चा करने और हालात से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाने के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई.

राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हेलिकॉप्टर्स

नेपाल सेना ने खोज और बचाव कार्य के लिए त्रिशूली नदी के पास के इलाकों में पहले ही दो हेलीकॉप्टर भेज दिए हैं, जो राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं. सेना ने एक बयान में कहा कि आपातकालीन चिकित्सा बचाव दल से लैस एक सेना का हेलीकॉप्टर त्रिशूली के जिला अस्पताल की ओर भेजा जा चुका है.

सिर्फ एक साल पहले, भोटे कोशी में दो विनाशकारी बाढ़ आई थीं, जिससे रसुआ में भारी तबाही मची थी और कम से कम दस लोगों की मौत हो गई थी. यह बाढ़ पहले से ध्यान में न आई एक ‘सुप्राग्लेशियल’ (ग्लेशियर के ऊपर बनी) झील के अचानक खाली होने का नतीजा थी. हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में बारिश के कारण नहीं आई थी.

क्या फट गई ग्लेशियर झील?

बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने चितवन के कुछ हिस्सों, खासकर नवलपरासी में देवघाट के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका के बारे में चेतावनी दी है. पानी के अचानक बढ़ने की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़ (GLOF) की वजह से हुआ या किसी और कारण से. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की खास अपील की है.

पहले भी आई थीं दो विनाशकारी बाढ़

सिर्फ एक साल पहले, भोटे कोशी में दो विनाशकारी बाढ़ आई थीं, जिससे रसुआ में भारी तबाही मची थी और कम से कम दस लोगों की मौत हो गई थी. यह बाढ़ पहले से ध्यान में न आई एक ‘सुप्राग्लेशियल’ (ग्लेशियर के ऊपर बनी) झील के अचानक खाली होने का नतीजा थी. हाइड्रोलॉजी और मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बुधवार को आई बाढ़ रसुवा में बारिश के कारण नहीं आई थी.

बाढ़ पूर्वानुमान विभाग ने चितवन के कुछ हिस्सों, खासकर नवलपरासी में देवघाट के निचले इलाकों में बाढ़ की आशंका के बारे में चेतावनी दी है. पानी के अचानक बढ़ने की वजह का पता लगाने के लिए जांच चल रही है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह ग्लेशियर झील के फटने से आई बाढ़ (GLOF) की वजह से हुआ या किसी और कारण से. नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, गोरखा और चितवन के निवासियों से सतर्क रहने और सुरक्षित जगहों पर जाने की खास अपील की है.

Bureau Report

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