इसी महीने आएगा देश का सबसे बड़ा IPO! टूटेगा हुंदई का रिकॉर्ड, 15 करोड़ शेयर की होगी बिक्री; क्या होगा प्राइस बैंड?

इसी महीने आएगा देश का सबसे बड़ा IPO! टूटेगा हुंदई का रिकॉर्ड, 15 करोड़ शेयर की होगी बिक्री; क्या होगा प्राइस बैंड?

अगर आप भी भारतीय शेयर में निवेश करते हैं तो इस खबर से आपका अपडेट होना बहुत जरूरी है. जी हां, भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में नया अध्याय जुड़ने जा रहा है. बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने लंबे समय से इंतजार किये जा रहे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के आईपीओ (IPO) के लिए हरी झंडी दे दी है. करीब 30,000 करोड़ रुपये के इस पब्लिक ऑफर के साथ NSE देश का अब तक का सबसे बड़ा IPO बनने की तैयारी में है. एनएसई (NSE) का आईपीओ (IPO) आने के साथ ही हुंदई मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड टूट जाएगा और देश का सबसे बड़ा IPO बन जाएगा. इस IPO में मौजूदा शेयरहोल्डर करीब 15 करोड़ शेयर बेचेंगे.

किसे मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?


एनएसई (NSE) के मेगा आईपीओ (IPO) में शेयर बेचने वालों में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) सबसे आगे है. SBI ग्रुप अपनी और सहायक कंपनी SBI कैपिटल मार्केट्स के जरिये करोड़ों शेयर बेच रहा है. इसके अलावा एमएस स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस), कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड और बैंक ऑफ बड़ौदा भी अपनी हिस्सेदारी बेच रहा है. घरेलू बीमा कंपनियां जैसे न्यू इंडिया इंश्योरेंस और जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन भी इसमें अपनी हिस्सेदारी कम करेंगी.

अनलिस्टेड मार्केट में जबरदस्त हलचल

IPO आने से पहले ही अनलिस्टेड यानी अनऑफिशियल मार्केट में NSE के शेयरों की जबरदस्त डिमांड देखी जा रही है. इस समय इसके शेयर 1,950 से 2,050 रुपये के दायरे में ट्रेड कर रहे हैं. यदि आईपीओ (IPO) का प्राइस इसी दायरे में तय होता है तो NSE का वैल्यूएशन करीब 4.8 लाख करोड़ रुपये यानी करीब 51 अरब डॉलर हो जाएगा. इसके साथ ही यह देश की सबसे मूल्यवान वित्तीय संस्थाओं में शामिल हो जाएगी.

10 साल के इंतजार के बाद रास्ता साफ!

NSE पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से बाजार में लिस्टिंग का प्लान कर रहा था. लेकिन को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े विवादों के कारण मामला अटका हुआ था. इन मामलों में कुछ ब्रोकर्स को दूसरों से पहले ट्रेडिंग डेटा मिलने का आरोप लगाया गया था. जुलाई में SEBI के साथ 1,491 करोड़ रुपये का सेटलमेंट होने के बाद इस IPO का रास्ता साफ हो पाया. इसके बाद उम्मीद की जा रही है कि सितंबर मिड में यह IPO निवेशकों के लिए खुल जाएगा.

क्या हो सकता है आईपीओ का प्राइस बैंड?

एनएसई अपने आईपीओ का प्राइस 1800 रुपये या इससे कुछ ऊपर रख सकता है. ईटी की एक रिपोर्ट में इस मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि अब यह आईपीओ स्टॉक एक्सचेंज में एंट्री के करीब पहुंच गया है. एनएसई के शेयर ग्रे मार्केट में 285 रुपये तक के प्रीमियम के साथ ट्रेंड कर रहे हैं. बताया जा रहा है 15 सितंबर को आईपीओ का प्राइस बैंड और 25 सितंबर को इसकी लिस्टिंग हो सकती है. यदि सब कुछ सही समय से चला तो उम्मीद की जा रही है कि यह शेयर निवेशकों के लिए 18 सितंबर को खुल सकता है.

भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा IPO

मौजूदा समय में भारतीय शेयर बाजार का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) हुंदई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) का है. अक्टूबर 2024 में आए इस आईपीओ का कुल आकार ₹27,870 करोड़ था. उस समय इस आईपीओ ने साल 2022 में आए एलआईसी (LIC) के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ दिया था. एलआईसी के आईपीओ ने 21,008 करोड़ रुपये की राशि जुटाई थी.

दुनिया का सबसे बड़ा आईपीओ

दुनिया का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ (IPO) SpaceX का है. इस आईपीओ ने जून 2026 में अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज Nasdaq पर लिस्ट होकर करीब 75 बिलियन डॉलर (करीब 6.2 लाख करोड़ रुपये) जुटाए थे. इससे पहले यह रिकॉर्ड सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको (Saudi Aramco) के नाम पर था, उस समय सऊदी अरामको ने 25.6 बिलियन डॉलर जुटाए थे. एलन मस्क की एरोस्पेस कंपनी ने पब्लिक इश्यू में 55 करोड़ से ज्यादा शेयर की बिक्री की थी. ओवर-अलॉटमेंट (Greenshoe) ऑप्शन के बाद इस आईपीओ के जरिये कुल जुटाई गई रकम 85.7 बिलियन डॉलर हो गई थी.

Bureau Report

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