विटामिन C के नाम पर भेज रहा था फेंटानिल का केमिकल, US में भारतीय कारोबारी को 4 साल की जेल; कैसे पकड़ा गया भावेश लाठिया?

विटामिन C के नाम पर भेज रहा था फेंटानिल का केमिकल, US में भारतीय कारोबारी को 4 साल की जेल; कैसे पकड़ा गया भावेश लाठिया?

अमेरिका में भारतीय बिजनैसमैन भावेश लाठिया को फेटानिल प्रीकर्सर केमिकल की स्मगलिंग और डिस्ट्रिब्यूशन के आरोप में 54 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक, यह पहला मामला है, जब एक इंडियन केमिकल कंपनी के एग्जीक्यूटिव को अमेरिकी फेडरल जेल में इतने महीने की सजा सुनाई सुनाई गई है. भावेश लाठिया अमेरिकी नागरिक नहीं हैं और न ही उनका बिजनेस अमेरिका में है. उनकी कंपनी सूरत में स्थित है.

सूरत स्थित रक्सुटर केमिकल्स के फाउंडर और लीडर भावेश लाठिया ने अप्रैल में फेंटानिल प्रीकर्सर केमिकल की तस्करी और डिस्ट्रीब्यूशन के आरोप में अपना अपराध स्वीकार कर लिया था. 

अवैध रूप से भेजे केमिकल

भावेश लाठिया को 2 सितंबर 2026 को ब्रुकलिन की फेडरल कोर्ट में US डिस्ट्रिक्ट जज पामेला के चेन ने सजा सुनाई. अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने बताया कि लाठिया को  24,560 डॉलर  (लगभग 23.19 लाख रुपये) राशि जब्त करने का भी आदेश दिया गया है. जेल की सजा पूरी होने के बाद उन्हें डिपोर्ट भी कर दिया जाएगा. अभियोजकों ने कहा कि लाठिया और उनकी कंपनी ने अवैध रूप से फेंटानिल प्रोडक्शन में इस्तेमाल होने वाले 50 पाउंड से ज्यादा केमिकल अमेरिका और मैक्सिको के कस्टमर्स को बेचा और भेजा. इन केमिकल्स में वे सामग्रियां शामिल थीं, जो आमतौर पर फेंटानिल के प्रोडक्शन पर भी इस्तेमाल होती हैं.  

केमिकल के पैकेज में दी गलत डीटेल्स 

कोर्ट में दायर डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, लाठिया ने कस्टम और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच से बचने के लिए केमिकल के पैकेज में गलत डीटेल्स डालीं और इसमें फर्जी कस्टम डॉक्यूमेंट्स भी भेजे. वहीं, बीते 29 जून 2026 को रैक्स्यूटर केमिकल्स से न्यूयॉर्क पहुंचे एक  शिपमेंट में विटामिन C होने की गलत जानकारी दी गई थी, जबकि वास्तव में इसमें  1-boc-4-piperidone था, जो फेंटानिल सिंथेसिस में इस्तेमाल होने वाला एक केमिकल है. इसकी मांग एक सीक्रेट एजेंट की ओर से की गई थी.  

सीक्रेट ऑफिसर के साथ था डायरेक्ट कॉन्टैक्ट 

आगे की जांच में पता चला कि लाठिया का अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेटर्स डिपार्टमेंट के एक सीक्रेट ऑफिसर के साथ डायरेक्ट कॉन्टैक्ट था. अक्टूबर 2024 में वीडियो कॉल के दौरान सीक्रेट ऑफिसर ने लाठिया को बताया कि मेक्सिको में कस्टमर पहले सप्लाई किए गए केमिकल की क्वालिटी और उन्हें मिले फाइनल प्रोडक्ट की मात्रा से संतुष्ट थे. लाठिया ने  1-boc-4-piperidone के 20 किलो की एक्सेस सप्लाई पर भी सहमति जताई. उसने इस केमिकल को एंटासिड के रूप में छिपाने का भी प्रस्ताव रखा.  साल 2024 में इस केमिकल की खेप अमेरिका भेजी गई थी और पैकेज पर एंटासिड का लेबल लगा हुआ था.        

अमेरिका ने बताया अहम मामला 

अमेरिकी अधिकारियों ने इस मामले को बेहद अहम बताते हुए कहा कि इसमें फेंटानिल के निर्माण से पहले ही उसकी सप्लाई को निशाना बनाया गया था. अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर ने कहा,’ एक राष्ट्रीय संकट के दौरान जब हर दिन सैकड़ों अमेरिकी फेंटानिल की अधिक मात्रा से मर रहे थे, लाठिया ने इस घातक दवा के बिल्डिंग ब्लॉक्स समेत केमिकल एलिमेंट्स की स्मगलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन किया. वह भी बिना परवाह किए कि उसके इस काम से कितना नुकसान होगा.’ 

Bureau Report

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