श्रीराम नगरी अयोध्या में राम मंदिर के प्रशासनिक और प्रबंधकीय कामकाज को एक नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल रहा है. नवनियुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा आधिकारिक रूप से अपना पदभार संभालने के लिए अयोध्या पहुंच रहे हैं. पदभार ग्रहण करने के साथ ही वह मंदिर की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक भी करेंगे.
2 सितंबर को राम मंदिर के सीईओ बने
जितेंद्र मिश्रा के नाम पर बीते 2 सितंबर को ही आधिकारिक रूप से मुहर लगा दी गई थी. वह श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ के रूप में इस बड़ी जिम्मेदारी को संभाल रहे हैं. मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायु सेना में अपनी लंबी और उत्कृष्ट सेवाएं दे चुके हैं. इसी वर्ष 30 अप्रैल 2026 को वह वायु सेना के पश्चिमी कमान के प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं. देश की रक्षा में उनका चार दशकों से अधिक का योगदान रहा है.
सैन्य अनुभव और उत्कृष्ट सम्मान
जितेंद्र मिश्रा का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है. उन्होंने देश के महत्वपूर्ण सैन्य अभियानों जैसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ऐतिहासिक कारगिल युद्ध में बेहद अहम भूमिका निभाई थी. भारतीय वायु सेना में उनकी असाधारण सेवाओं और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक और सैन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है. उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (एसवाईएसएम), अति विशिष्ट सेवा मेडल (एवीएसएम) और विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) से सम्मानित किया गया है. उनके इस अनुशासन और कड़े प्रशासनिक अनुभव का लाभ अब राम मंदिर के विशाल प्रबंधन को मिलेगा.
प्रशासनिक बदलाव की पृष्ठभूमि
राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ के पद का सृजन और नई नियुक्तियां एक विशेष घटनाक्रम के बाद हुई हैं. बीते दिनों मंदिर के दान में गड़बड़ी और चोरी की खबरों ने काफी तूल पकड़ा था, जिसकी चर्चा देश-दुनिया में हुई थी. इस मामले के सामने आने के बाद व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के उद्देश्य से कड़े कदम उठाए गए. ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा को उनके पदों से हटा दिया गया। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि मंदिर के दैनिक प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए एक सेवानिवृत्त उच्च सैन्य अधिकारी को सीईओ नियुक्त किया जाएगा.
नए ट्रस्टियों का आगमन और नई व्यवस्था
सीईओ की घोषणा के साथ ही ट्रस्ट की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए तीन नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया है. इसमें दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव को नया ट्रस्टी बनाया गया है. इस पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य राम मंदिर के संचालन में पूर्ण पारदर्शिता, सुरक्षा और भक्तों के लिए सुगम दर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करना है.
भगवान राम की सेवा का अवसर
इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए नवनियुक्त सीईओ जितेंद्र मिश्रा ने अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं. उन्होंने कहा था कि इतने योग्य उम्मीदवारों के बीच में से चुना जाना उनका परम सौभाग्य है. वायु सेना में देश की 43 वर्षों तक सेवा करने के बाद भगवान श्रीराम और उनके करोड़ों भक्तों की सेवा का अवसर मिलना उनके लिए एक ईश्वरीय आशीर्वाद जैसा है. वह मंदिर की गरिमा, सुरक्षा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अपना काम संभालेंगे.
Bureau Report
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