Repo Rate: क्या फिर महंगा होने वाला है होम लोन और ऑटो लोन? SBI रिसर्च के दावे से लगेगा झटका

Repo Rate: क्या फिर महंगा होने वाला है होम लोन और ऑटो लोन? SBI रिसर्च के दावे से लगेगा झटका

RBI Repo Rate: अगर आपने भी होम लोन या कार लोन ले रखा है या फिर नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए काम की है. आने वाले दिनों में आपकी हर महीने की किश्त यानी EMI का बोझ बढ़ सकता है. देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की नई रिसर्च रिपोर्ट में यह बड़ा दावा किया गया है कि आरबीआई (RBI) बहुत जल्द रेपो रेट में बढ़ोतरी करने जा रहा है. महंगाई पर काबू पाने के लिए रिजर्व बैंक को यह कड़ा कदम उठाना पड़ सकता है, इसका सीधा असर आपकी जेब पर देखने को मिलेगा.

अक्टूबर और दिसंबर में हो सकता है बड़ा फैसला

रिपोर्ट में बताया गया है कि रिजर्व बैंक अपनी आगामी अक्टूबर क्रेडिट पॉलिसी में रेपो रेट को 0.25% बढ़ा सकता है. इसके बाद दिसंबर की बैठक में भी 0.25% की एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि आने वाले कुछ महीनों में रेपो रेट में कुल मिलाकर 0.50% तक का इजाफा हो सकता है. इससे पहले अगस्त में हुई मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में RBI ने रेपो रेट को लगातार चौथी बार 5.25% पर स्थिर रखा था. लेकिन 5 से 7 अक्टूबर के बीच होने वाली अगली बैठक में दरें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है.

SBI की रिपोर्ट: आखिर क्यों रेपो रेट बढ़ाना जरूरी?

एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे रोकने के लिए रेपो रेट बढ़ाना बेहद जरूरी हो गया है. इसके पीछे दो सबसे बड़े कारण सामने आए हैं. पहला कारण है अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतें. मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और युद्ध के हालातों की वजह से क्रूड ऑयल 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है और आने वाले दिनों में इसके 105 से 123 डॉलर तक पहुंचने की आशंका है.

दूसरा कारण है देश में महंगाई का लेवल लगातार बढ़ना है. कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में 90% जरूरी चीजों की संख्या जनवरी 2026 में महज 22 थी, जो जुलाई तक बढ़कर 53 हो गई है. पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, दवाइयां और इलेक्ट्रॉनिक्स सामान महंगे होने की वजह से आम आदमी का बजट पूरी तरह बिगड़ रहा है. ऐसे में महंगाई पर ब्रेक लगाने के लिए आरबीआई के पास रेपो रेट बढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं दिख रहा.

आपकी जेब और बजट पर क्या सीधा असर पड़ेगा?

जब भी RBI रेपो रेट बदलता है, तो उसका असर सीधे देश के करोड़ों लोन लेने वालों और एफडी (FD) कराने वालों पर पड़ता है. अगर आपके पास फ्लोटिंग रेट वाला लोन है, तो बैंक तुरंत अपनी ब्याज दरें बढ़ा देंगे. इससे आपके लोन की अवधि या फिर हर महीने जाने वाली EMI बढ़ जाएगी. इसी तरह नया होम लोन, ऑटो लोन या पर्सनल लोन लेने वालों को भी अब पहले के मुकाबले ज्यादा ब्याज देना होगा. हालांकि जिन लोगों ने फिक्स्ड रेट पर लोन लिया है, उनकी EMI पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

वहीं दूसरी तरफ, बचत करने वालों और FD में निवेश करने वालों के लिए यह एक अच्छी खबर साबित हो सकती है. जब बैंक लोन महंगा करते हैं, तो वे अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी करते हैं. यानी FD पर आपको पहले से ज्यादा रिटर्न मिलने लगेगा.

50 लाख के होम लोन का पूरा गणित समझिए

मान लीजिए कि आपने 8.25% की फ्लोटिंग ब्याज दर पर 20 साल के लिए 50 लाख रुपये का होम लोन लिया है. अभी के हिसाब से आपकी हर महीने की EMI लगभग 42,603 रुपये बनती है. अब यदि RBI रेपो रेट में 0.50% का इजाफा करता है और बैंक इस पूरी बढ़ोतरी का असर ग्राहकों पर डाल देते हैं, तो आपके लोन की ब्याज दर बढ़कर 8.75% हो जाएगी. इस नई दर के हिसाब से आपकी हर महीने की EMI बढ़कर लगभग 44,186 रुपये हो जाएगी. यानी आपको हर महीने 1,583 रुपये अतिरिक्त देने होंगे. सालभर के हिसाब से देखें तो आपकी जेब पर 18,996 रुपये का सीधा अतिरिक्त बोझ बढ़ जाएगा.

Bureau Report

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