अमेरिका ने एक बार फिर से टैरिफ का खेल शुरू कर दिया है. भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की बातचीत पहले से अटकी हुई है. अब डोनाल्ड ट्रंप फिर से टैरिफ को हथियार बनाने जा रहे हैं. रूसी तेल के बहाने भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी की जा रही है. अगर ट्रंप ऐसा करते हैं, तो क्या भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पूरी हो सकेगी ?
भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने की तैयारी में अमेरिका
अमेरिकी संसद एक ऐसे बिल को पास करने की तैयारी में है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ये अधिकार मिल जाएगा कि वो रूस और ईरान जैसे प्रतिबंधित देशों से तेल और गैस खरीदने वाले देशों के खिलाफ 100 फीसदी टैरिफ लगा सकें. मंगलवार शाम को ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ ने हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी मंजूरी हासिल कर ली.रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले इस बिल को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है. बिल में नया संशोधन जोड़ा गया है, जिसके मुताबिक भारत, चीन समेत उन देशों के नाम को शामिल किया गया है, जो रूस से तेल खरीदते हैं और जिन पर अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ की तैयारी कर रहा है. इस बिल को आगे बढ़ाने के लिए 214-211 वोटों से मंजूरी मिली. आज इसपर फाइनल वोटिंग होने वाली है.
भारत पर क्या होगा असर
अमेरिका में पास होने वाले इस बिल पर भारत की नजर है.अगर व्हाइट हाउस से इस बिल को मंजूरी मिलती है, तो इसका असर भारत और अमेरिका के संबंधों पर दिखेगा. भारत और अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील अटक सकती है. भारत के लिए यब बिल इसलिए भी जरूरी है, क्योंकि रूस उसका सबसे बड़ा ऊर्जा सप्लायर है. देश के कुल तेल इम्पोर्ट में रूस की हिस्सेदारी 45 फीसदी से अधिक है. अमेरिका के दबाव में आकर भारत के लिए रूस से तेल खरीद को अचानक रोकना आसान नहीं है. रूस के विकल्प के तौर पर कौन होगा ऐसे कई बड़े सवाल भी सामने हैं.
भारत के साथ इन देशों के नाम भी शामिल
- भारत
- चीन
- तुर्किये
- अजरबैजान
- हंगरी
- स्लोवाक रिपब्लिक
- यूएई
- सिंगापुर
- कजाकिस्तान
- किर्गिज रिपब्लिक
ट्रंप को मिलेगा टैरिफ लगाने का अधिकार
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध बताकर उसे रद्द कर दिया था. अब ट्रंप संसद के रास्ते टैरिफ लगाने का अधिकार हासिल कर रहे हैं. अगर ये बिल कानून बनता है, तो ट्रंप के पास चीन और भारत समेत रूस के प्रमुख तेल व्यापारिक साझेदारों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार होगा. ट्रंप का मानना है कि रूस तेल बेचकर कमाई कर रहा है और उस कमाई का इस्तेमाल यूक्रेन युद्ध के खिलाफ कर रहा है. इससे पहले ट्रंप ने भारत पर रूस से तेल खरीदने पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था, लेकिन बाद में भारत के साथ ट्रेड डील पर चल रही बातचीत के बीच उसे हटा दिया. भारत पर फिलहाल 18 फीसदी टैरिफ लगा रहा है. अगर अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ लगाता है, तो भारतीय निर्यातकों को बड़ा झटका लग सकता है. बता दें कि अमेरिका को भारत का निर्यात चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अप्रैल-अगस्त के दौरान 6.17 फीसदी बढ़कर 42.8 अरब डॉलर पर पहुंच गया है.
Bureau Report
Leave a Reply