दिल्ली में यमुना को साफ करने के लिए, उसमें गंदा पानी न पहुंचे इस पर जोर दिया जा रहा है. इसके लिए राजधानी में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) बनाए जा रहे हैं. इसके साथ ही पहले से मौजूद STP की क्षमता और व्यवस्था को बेहतर करने का काम भी किया जा रहा है. इन परियोजनाओं पर करीब 1090 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
यमुना की सफाई और दिल्ली में सीवर व्यवस्था को लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के अधिकारियों के साथ बैठक की. इस बैठक में राजधानी में पानी की सप्लाई, सीवर नेटवर्क और यमुना से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बैठक में अलग-अलग इलाकों में चल रहे काम की जानकारी दी.
114 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क पूरा
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली की 114 अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर नेटवर्क बिछाने का काम पूरा हो चुका है. इन परियोजनाओं पर करीब 2,012 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं. सीवर नेटवर्क तैयार होने के बाद इन इलाकों के 1,28,633 घरों को घरेलू सीवर कनेक्शन भी दिए जा चुके हैं.
इससे इन कॉलोनियों में घरों से निकलने वाले गंदे पानी को सीवर नेटवर्क के जरिए ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे बिना ट्रीटमेंट के गंदा पानी नालों और यमुना में जाने से रोकने में सहायता मिलेगी.
276 कॉलोनियों में काम जारी
दिल्ली की 276 कॉलोनियों में अभी सीवर नेटवर्क बिछाने का काम चल रहा है. इसके अलावा 647 अनधिकृत कॉलोनियों में करीब 5,44,680 घरों को घरेलू सीवर कनेक्शन देने की प्रक्रिया भी जारी है. बैठक के दौरान उपराज्यपाल ने उन इलाकों पर विशेष ध्यान देने को कहा, जहां अभी सीवर लाइन की सुविधा उपलब्ध नहीं है.
उन्होंने ऐसे क्षेत्रों में सेप्टेज की सफाई के लिए मशीनों की तैनाती करने और निकलने वाले गंदे पानी को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने की उचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए. अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली के बाकी इलाकों में भी सीवर नेटवर्क पहुंचाने का काम लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है. इसका मुख्य उद्देश्य गंदे पानी का उचित उपचार करना और उसे सीधे यमुना में जाने से रोकना है.
Bureau Report
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