वुशु से कुराश तक: इन ‘अनजान’ खेलों में चमक रहा भारत का सितारा, एशियन गेम्स में बना रहे रिकॉर्ड

वुशु से कुराश तक: इन 'अनजान' खेलों में चमक रहा भारत का सितारा, एशियन गेम्स में बना रहे रिकॉर्ड

एशियाई खेल 2026 में भारतीय टीम का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है. पिछले एशियाई खेलों में 100 से अधिक पदक जीतने के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के बाद इस बार जापान में भारतीय दल उम्मीद के मुताबिक अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाया है. शूटिंग और बैडमिंटन जैसे प्रमुख खेलों में देश को कुछ अहम पदकों से हाथ धोना पड़ा है. हालांकि, इसके बावजूद भारत ने कुछ गैर-पारंपरिक और कम लोकप्रिय खेलों में अपनी शानदार छाप छोड़ी है. जहां प्रशंसक शूटिंग और तीरंदाजी जैसे पारंपरिक खेलों से पदक की उम्मीद करते हैं, वहीं भारत ने अन्य अनूठे खेलों में भी पदक जीतकर सभी को सुखद आश्चर्य दिया है.

यह बेहद दिलचस्प है कि प्रतियोगिता के 9वें दिन पिंकी बलिहार ने कुराश खेल में भारत के लिए कांस्य पदक जीता. इसके अलावा, भारत ने एमएमए (MMA) में भी अपना पहला ऐतिहासिक कांस्य पदक हासिल किया. गैर-पारंपरिक खेलों में देश के इस शानदार प्रदर्शन को देखते हुए आइए डालते हैं उन अनूठे खेलों पर एक नज़र जिनमें भारत एशियाई खेल 2026 में चमक रहा है.

वुशु में भारत ने कौन सा पदक जीता?

वुशु खेल में भारत की नाओरेम रोशिबिना देवी ने महिलाओं की 60 किग्रा सांडा श्रेणी में रजत पदक अपने नाम किया. कई खेल प्रेमी सोच रहे होंगे कि वुशु आखिर क्या है? वुशु मुख्य रूप से चीनी मार्शल आर्ट्स का एक रूप है. इसे दो भागों में बांटा गया है: सांडा (Sanda) और ताओलू (Taolu). ताओलू में कोरियोग्राफ किए गए पंच और किक के तय सीक्वेंस होते हैं, जबकि सांडा में शारीरिक संपर्क (फुल-कॉन्टैक्ट) अधिक होता है और कोरियोग्राफी कम होती है.

एमएमए क्या है और भारत को इसमें कैसे पदक मिला?

एशियाई खेलों में भारत ने एमएमए (मिक्स मार्शल आर्ट्स) में अपना पहला कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा, जहां सुचिका तरियाल ने यह उपलब्धि हासिल की. एमएमए का पूरा नाम मिक्स मार्शल आर्ट्स है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से यूएफसी (UFC) में होता है. यह एक फुल-कॉन्टैक्ट फाइटिंग स्पोर्ट है जिसमें फाइटर्स को विभिन्न प्रकार की स्ट्राइकिंग और ग्रैपलिंग तकनीकों का उपयोग करने की अनुमति होती है.

कुराश खेल के नियम क्या हैं?

एक और कम चर्चित खेल कुराश है. भारत की पिंकी बलिहार ने एशियन गेम्स 2026 में कुराश में कांस्य पदक जीता. कुराश खड़े होकर लड़ी जाने वाली कुश्ती का एक प्राचीन रूप है. इसमें दो प्रतियोगी हरे और नीले रंग की जैकेट तथा बेल्ट पहनकर एक-दूसरे का सामना करते हैं. इसका मुख्य उद्देश्य प्रतिद्वंद्वी की जैकेट या बेल्ट पकड़कर उसे जमीन पर पटकना होता है.

सेपक टकरा में भारत का क्या रिकॉर्ड रहा है?

सेपक टकरा को ‘किक वॉलीबॉल’ भी कहा जाता है. यह वॉलीबॉल खेल का ही एक रूप है, लेकिन इसमें खास बात यह है कि खिलाड़ियों को गेंद को केवल अपने पैरों से खेलना होता है.  इसके साथ ही खिलाड़ी हवाई स्टंट और मार्शल आर्ट्स का मिश्रण भी प्रदर्शित करते हैं. भारत ने 2018 के एशियाई खेलों में इस खेल में पदक जीता था, लेकिन 2026 में पदक जीतने में सफल नहीं हो सका.

सॉफ्ट टेनिस में भारत के जय मीणा ने कैसे रचा इतिहास?

सॉफ्ट टेनिस में भारत के जय मीणा ने एशियाई खेलों का पहला पदक जीतकर इतिहास रचा. उन्होंने कांस्य पदक अपने नाम किया. नाम के अनुसार, सॉफ्ट टेनिस सामान्य टेनिस से काफी मिलता-जुलता है. इसमें मुख्य अंतर केवल इतना है कि सॉफ्ट टेनिस खोखली और नरम रबड़ की गेंद से खेला जाता है.

Bureau Report

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