SIA कश्मीर की बड़ी कार्रवाई: कुलगाम-काजीगुंड में रेड, म्यांमार स्कैम में कश्मीरी युवाओं को फंसाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़

SIA कश्मीर की बड़ी कार्रवाई: कुलगाम-काजीगुंड में रेड, म्यांमार स्कैम में कश्मीरी युवाओं को फंसाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़

स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी SIA कश्मीर ने एक बड़े मानव तस्करी और साइबर ठगी रैकेट का भंडाफोड़ किया है. यह गिरोह विदेश में मोटी सैलरी वाली नौकरी का लालच देकर कश्मीरी युवाओं को थाईलैंड के रास्ते म्यांमार भेजता था. वहां पहुंचते ही युवाओं को जबरन साइबर फ्रॉड के धंधे में झोंक दिया जाता था. सिंडिकेट की कमर तोड़ने के लिए SIA की टीम ने गुरुवार तड़के कुलगाम और काजीगुंड में छापे मारे. मौके से कई फर्जी दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं.

SIA के एक सीनियर अफसर के मुताबिक, यह कार्रवाई बुंगम चेवगाम के रहने वाले गुलाम नबी खांडे (उर्फ चार्ली, मोहसिन, जेरी खान) और काजीगुंड निवासी आशिक हुसैन शेख के घरों पर हुई. यह पूरी कार्रवाई इसी साल दर्ज एफआईआर (01/2026) के तहत की गई है. तलाशी में मोबाइल फोन, आईडी कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट और फर्जी जॉब एग्रीमेंट जैसे कई अहम दस्तावेज मिले हैं, जिनकी अब बारीकी से जांच चल रही है.

ऐसे फंसाया जाता था युवाओं को

अफसर ने बताया कि यह गिरोह बहुत सोची-समझी साजिश के तहत काम कर रहा था. विदेशों में बैठे हैंडलर्स के इशारे पर स्थानीय एजेंट जम्मू-कश्मीर और देश के बाकी हिस्सों से बेरोजगार लड़कों को फंसाते थे. उन्हें विदेश में अच्छी नौकरी का लालच दिया जाता था. इसके बाद इन युवाओं को थाईलैंड के रास्ते म्यांमार के म्यावाडी इलाके में पहुंचा दिया जाता था. वहां पहुंचते ही इन्हें बंधक बनाकर जबरन साइबर ठगी कराई जाती थी. जांच में पता चला है कि युवाओं को फंसाने से लेकर विदेश भेजने और बंधक बनाने तक, कई देशों में फैला एक बड़ा इंटरनेशनल नेटवर्क काम कर रहा है.

देश-विदेश के कनेक्शन खंगालने में जुटी एजेंसियां

SIA कश्मीर अब इस पूरे सिंडिकेट की जड़ें तलाशने में जुटी है. जांच टीम देश और विदेश में बैठे गुर्गों के कनेक्शन खंगाल रही है. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस धंधे के लिए फंडिंग और गाड़ियों-ठिकानों का इंतजाम कौन कर रहा था. नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए देश की दूसरी जांच एजेंसियों और विदेशी एजेंसियों से भी तालमेल बैठाया गया है.

जब्त सामान की फॉरेंसिक जांच

अधिकारी ने इस रेड को पूरे सिंडिकेट की कमर तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम बताया. उन्होंने कहा कि जब्त किए गए फोन और कागजात की फॉरेंसिक जांच होगी, ताकि चैट, पैसों का लेन-देन और भर्ती के तरीकों की पूरी सच्चाई सामने आ सके. मामले की जांच जारी है और जल्द ही देश-विदेश से कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.

Bureau Report

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