औरतों पर पाबंदी वाला ईरान अब बनाएगा ‘लेडी गुरिल्ला’! US-इजरायल के खिलाफ हथियार उठा रही हिजाबी महिलाएं

औरतों पर पाबंदी वाला ईरान अब बनाएगा ‘लेडी गुरिल्ला’! US-इजरायल के खिलाफ हथियार उठा रही हिजाबी महिलाएं

अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सीक्रेट वेपन के तौर पर ईरान अपनी महिला गुरिल्ला ब्रिगेड उतारने जा रहा है. ईरान ने उन्हें सीक्रेट वेपन के तौर पर ट्रेंड करना शुरू कर दिया है. मतलब ईरान के जिस इस्लामिक शासन में महिलाओं पर पाबंदी लगाने के आरोप लगते थे, उसने अब महिलाओं को ही अपने दुश्मनों के सामने खड़ा करने की योजना बनाई है. इसके लिए घरेलू महिलाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जा रही है. 

एक तरफ होर्मुज के आस पास ईरान और अमेरिका अपने सैन्य जमावड़े को मजबूत कर रहे हैं, एक दूसरे को युद्ध की धमकी दे रहे हैं. दूसरी तरफ तेहरान के इमाम हुसैन स्क्वायर में बुर्का और हिजाब पहने महिलाओं के हाथ में स्वचलित राइफलें दिख रही हैं. ये महिलाएं निशाना लगाने का अभ्यास कर रही हैं. प्रशिक्षण देने वाले कमांडोज की बातों को बहुत ध्यान से सुन रही हैं. तेहरान के इस सैन्य प्रशिक्षण केंद्र में ईरानी महिलाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. इन महिलाओं को बताया जा रहा है कि अगर अमेरिका या इजरायल तेहरान पर हमले के लिए जमीनी सैनिक भेजते हैं, तो उनका मुकाबला कैसे करना है.

एक ईरानी महिला राहेलेह गदीरी ने कहा,’यह कहना कि किसी व्यक्ति को बिल्कुल भी डर नहीं लगता, एक तरह से झूठ होगा, लेकिन अगर हम तैयार रहें, अगर हमें पता हो कि आपातकालीन युद्ध जैसी परिस्थितियों में दुश्मन का सामना कैसे करना है, अपने परिवार की रक्षा कैसे करनी है, अपने मोहल्ले की रक्षा कैसे करनी है, तो निश्चित रूप से उसके बाद हमारे अंदर इतना डर और घबराहट नहीं होगी और हम उस डर के प्रभाव में नहीं आएंगे.’

ये ट्रेंनिंग सिर्फ स्वचलित राइफलों का नही है, ईरानी महिलाओं को रॉकेट लॉन्चर चलाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है. छोटी पिस्टल से ये कैसे दुश्मन को खत्म कर सकती हैं, इनको ये भी सिखाया जा रहा है. ईरान की ये महिलाएं सिर्फ हाथों में हथियार लेकर पोज नहीं दे रहीं, बल्कि एक कमांडो की तरह ट्रेनिंग हासिल कर रही हैं.

राहेलेह गदीरी आगे कहती हैं,’हम व्यवस्था के साथ, अपने नेता के साथ खड़े हैं और हर क्षेत्र में ईरान को एक बार फिर गौरवान्वित करने के लिए प्रयास करते हैं. अगर इस बार वास्तव में युद्ध होने वाला है, तो हम चाहते हैं कि यह सब कुछ खत्म करने वाला युद्ध हो, हमारे दुश्मनों की हार हो और ईरान हमेशा की तरह गौरवान्वित हो.

ईरानी की आईआरजीसी और बसीज रेजिस्टेंस फोर्स अब महिलाओं को ह​थियार भी बांट रहे हैं. ये महिलाएं मोजतबा खामेनेई के लिए आर पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं. आईआरजीसी का मानना है कि अगर ईरान में दुश्मनों की फौज घुसती है तो ईरानी महिलाओं की ये फौज गुरिल्ला वॉर में खतरनाक साबित हो सकती है.

Bureau Report

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