उत्तर प्रदेश में बुजुर्गों की पेंशन से जुड़ी एक बड़ी समस्या सामने आई है. आधार कार्ड को उम्र के प्रमाण के तौर पर स्वीकार नहीं किए जाने के बाद प्रदेश के करीब 8.5 लाख बुजुर्गों के पेंशन आवेदन अटक गए हैं. इन बुजुर्गों ने अपने आवेदन में आधार कार्ड को ही उम्र का प्रमाण बनाकर लगाया था. अब शासन स्तर से आवेदन वापस जिलों को भेजे गए हैं, ताकि दूसरे दस्तावेज लगाकर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके. सवाल यह है कि नियमों में बदलाव के बीच बुजुर्गों को राहत कैसे मिलेगी?
आधार बना पेंशन की राह में बाधा
वृद्धावस्था में आर्थिक सहारा देने वाली पेंशन योजना है, लेकिन अब इसी पेंशन के लिए बुजुर्गों को दस्तावेजों की एक नई प्रक्रिया से गुजरना पड़ रहा है. उत्तर प्रदेश में करीब 8.5 लाख बुजुर्गों के आवेदन आधार कार्ड के कारण अटकने की खबर है. इन आवेदनों में उम्र के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड लगाया गया था, लेकिन नियमों में बदलाव के बाद आधार पर दर्ज जन्मतिथि को आयु प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जा रहा है.
अब कौन से दस्तावेज जरूरी?
समाज कल्याण विभाग की नई व्यवस्था के तहत आवेदकों को जन्मतिथि प्रमाणित करने वाले दूसरे दस्तावेज देने होंगे. इनमें परिवार रजिस्टर की प्रमाणित नकल और जन्मतिथि दर्ज शैक्षिक प्रमाणपत्र शामिल हैं. दिक्कत उन बुजुर्गों के सामने ज्यादा है, जिनके पास न तो शैक्षिक प्रमाणपत्र हैं और न ही परिवार रजिस्टर की आसानी से उपलब्ध नकल. ऐसे में दस्तावेज जुटाना और आवेदन दोबारा पूरा करना उनके लिए चुनौती बन गया है.
जिलों को लौटाए गए आवेदन
विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, 21 मार्च को समाज कल्याण विभाग के निदेशक की ओर से जिलाधिकारियों और मुख्य विकास अधिकारियों को नई व्यवस्था लागू कराने के निर्देश दिए गए थे. इसके बाद एनआईसी के माध्यम से ऐसे आवेदन संबंधित जिलों को वापस कराए गए. जिला स्तर पर इन्हें ब्लॉक भेजकर दस्तावेजों की कमी दूर कराने की प्रक्रिया शुरू की गई. आवेदकों को मोबाइल पर संदेश भेजकर भी जानकारी देने की बात कही गई है.
प्रयागराज और कौशांबी में भी असर
प्रयागराज में करीब 20 हजार 348 और कौशांबी में लगभग चार हजार बुजुर्गों के आवेदन भी प्रभावित हुए हैं. प्रयागराज में जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार, वापस आए आवेदनों में दूसरे आयु प्रमाणपत्र लगवाकर उन्हें दोबारा आगे भेजा जा रहा है. इसके लिए अतिरिक्त काउंटर लगाए जाने की भी जानकारी दी गई है.
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार ने क्या कहा?
राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने कहा कि 8 मानक है, अपने आयु को प्रमाणित करने के लिए या तो गांव के लिए परिवार पंजीकरण चाहिए और शहर के लिए मेडिकल सर्टिफिकेट की आवश्यकता पड़ेगी. इसके अलावा और भी आप मानक हैं जिनका उपयोग करके जिनके पेंशन फसें है वह अपना पेंशन ले सकते हैं. साथ ही साथ उन्होंने ओवैसी के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ओवैसी साहब सही कह रहे हैं लोग अपने वोट की अहमियत समझनी चाहिए और केवल वोट बैंक बनकर नहीं रहना चाहिए.
Bureau Report
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