पुणे को मिली मेट्रो की नई सौगात: प्रधानमंत्री मोदी बोले- पुरानी सरकार रहती तो कई दशक और करना पड़ता इंतजार

पुणे को मिली मेट्रो की नई सौगात: प्रधानमंत्री मोदी बोले- पुरानी सरकार रहती तो कई दशक और करना पड़ता इंतजार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पुणे मेट्रो की बहुप्रतीक्षित लाइन-3 का उद्घाटन किया। मान-हिंजवडी से शिवाजीनगर तक जाने वाली इस मेट्रो लाइन से पुणे के आईटी हब, प्रमुख व्यावसायिक और प्रशासनिक इलाकों के बीच आवाजाही आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, यात्रियों के लिए मेट्रो सेवाएं चार नवंबर को सुबह छह बजे से शुरू होंगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कई बड़ी बातें कही। 

एनडीए को सेवा का मौका दिया, तो हम एक संकल्प लेकर चले: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में जब देश ने एनडीए को सेवा का मौका दिया, तो हम एक संकल्प लेकर चले। यह संकल्प था, शहर में रहने वाले मिडिल क्लास की ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ ट्रांसपोर्टेशन। और इसका नतीजा आज हम देख रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि आज, किसी शहर को दो मुख्य पैमानों पर परखा जाता है, पहला वह शहर कितना प्रतिस्पर्धी है? दूसरा, उसका ‘ईज ऑफ़ लिविंग इंडेक्स’ (जीवन सुगमता सूचकांक) कितना ऊंचा है? मेट्रो परियोजनाएं इन दोनों पैमानों में योगदान देती हैं, जिससे शहर अधिक कार्यकुशल, सुलभ और रहने के लिए बेहतर बनता है।

‘पुरानी सरकार रहती, तो पुणे में मेट्रो पहुंचने में कई और दशक लग जाते’
पीएम मोदी ने आगे कहा कि आज का दिन प्रो पीपल, प्रो एक्टिव गुड गवर्नेंस का भी उदाहरण है। हमारे देश में पहली मेट्रो 1984 में चली थी। उसके बाद के 30 साल में सिर्फ 248 किमी मेट्रो लाइन बनी। 2014 तक देश में सिर्फ पांच शहरों में मेट्रो चल रही थी। अगर वही पुरानी सोच चलती, पुरानी सरकार रहती, पुरानी कार्य संस्कृति रहती, तो पुणे में मेट्रो पहुंचने में कई और दशक लग जाते।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारे शहर केवल रहने की जगह नहीं हैं। ये देश की आर्थिक गतिविधि के बड़े केंद्र भी हैं। हमें देश के सैकड़ों छोटे शहरों को ग्रोथ हब भी बनाना है। इसी विजन के साथ इस साल फरवरी में अर्बन चैलेंज फंड की स्वीकृति दी गई थी। इस फंड के लिए एक लाख करोड़ रुपये की मदद केंद्र सरकार दे रही है। इससे आने वाले वर्षों में देश के शहरों में लाखों करोड़ रुपये का निवेश जुटने का लक्ष्य है। मैं स्थानीय निकायों और प्राइवेट सेक्टर के साथियों से आगे आने का आग्रह करता हूं। हम सभी को मिशन मोड पर जुटना है।

पुणे विकसित भारत की नई ऊर्जा को भी दिशा दे रहा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुणे शहर हमेशा से ऐसे विचारों का केंद्र रहा है, जिनसे राष्ट्र और समाज को नई दिशा मिली है। आज पुणे विकसित भारत की नई ऊर्जा को भी दिशा दे रहा है। आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप… इनोवेशन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक, पुणे देश के युवाओं के लिए सपनों और संकल्प का स्थान है। ऐसे में यहां की मजबूत होती मेट्रो कनेक्टिविटी यहां के विकास को नई गति देने जा रही है।

आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही सुखद अवसर: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि त्योहारों की खुशियां तब और बढ़ जाती हैं, जब जीवन में कोई नई सुविधा जुड़ती है। आज पुणे के लोगों के लिए ऐसा ही सुखद अवसर है। मुझे खुशी है कि आज पुणे मेट्रो की एक और लाइन का लोकार्पण हो रहा है। 10 वर्ष पहले मुझे पुणे में पहले चरण के काम के शिलान्यास का अवसर मिला था। अब हिंजेवाड़ी से शिवाजी नगर के बीच मेट्रो शुरू होने से पुणे के आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। आज जिस नई लाइन पर काम शुरू हुआ है, उससे पुणे के पुराने और नए इलाकों के बीच कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। मैं पुणे और महाराष्ट्र के सभी लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।

पीएम मोदी ने आगे कहा कि देश की अनेक पीढ़ियां गरीबी हटाओ के वादों और अवशेषों के बीच ही बड़ी हुई हैं। पहले गरीबी से लड़ाई सिर्फ नारों में थी, आज भारत गरीबी को हरा रहा है। उन्होंने कहा कि आज भारत वो देश है, जो सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था भी है और सबसे तेजी से गरीबी कम करने वाला भी है।

12 वर्षों में देश में मेट्रो परिवहन में बड़ा बदलाव आया: पीएम मोदी
पिछले 12 वर्षों में देश में मेट्रो परिवहन में बड़ा बदलाव आया है। मेट्रो नेटवर्क, जो 2014 में 248 किमी था, अब 1,400 किमी तक विस्तारित हो गया है। 2014 में, मेट्रो सेवाएं केवल पांच शहरों में चालू थीं। आज उनका विस्तार 26 शहरों तक हो गया है। अब हर दिन एक करोड़ से ज्यादा लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं। भारत का मेट्रो नेटवर्क अब दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क में गिना जाता है।

23 किलोमीटर से ज्यादा लंबा है मेट्रो कॉरिडोर
पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएमआरडीए) के आयुक्त डॉक्टर अभिजीत चौधरी ने बताया कि लाइन-3 पूरी तरह से एलिवेटेड यानी जमीन से ऊपर बना 23.203 किलोमीटर लंबा मेट्रो कॉरिडोर है। इसे ‘पुणेरी मेट्रो’ और ‘पिंक लाइन’ के नाम से भी जाना जाता है। यह मान से शुरू होकर हिंजवडी के राजीव गांधी इन्फोटेक पार्क से होते हुए शिवाजीनगर तक पहुंचेगी।

8,313 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई परियोजना
इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 8,313 करोड़ रुपये है। इसमें भूमि अधिग्रहण और उपयोगिता सेवाओं को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का खर्च भी शामिल है। इसे केंद्र सरकार की नेशनल मेट्रो रेल पॉलिसी, 2017 के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण (डीबीएफओटी) मॉडल पर सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत तैयार किया गया है।

23 स्टेशनों में से 17 पर मिलेगी शुरुआत में सुविधा
इस मेट्रो कॉरिडोर पर कुल 23 स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें से 17 स्टेशन यात्रियों के लिए खोले जाएंगे। हालांकि, सात स्टेशनों पर शुरुआत में केवल एक सीढ़ी चालू रहेगी। यात्रियों को मेटो स्टेशन से उतरने के बाद बस, पैदल या दूसरे परिवहन साधनों से आगे की यात्रा करने में परेशानी न हो, इसके लिए मल्टी-मोडल इंटीग्रेशन की व्यवस्था की जा रही है।

साइकिल ट्रैक और चौड़े फुटपाथ भी बनाए जा रहे
मेट्रो परियोजना के साथ सड़क यातायात को बेहतर बनाने और पैदल चलने वालों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया है। इसके तहत अलग साइकिल ट्रैक, चौड़े फुटपाथ, पैदल यात्रियों के लिए क्रॉसिंग और फुट ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। डॉ. अभिजीत चौधरी के मुताबिक, इस मेट्रो लाइन से खासकर हिंजवडी इलाके में ट्रैफिक जाम कम करने में काफी मदद मिलेगी।

Bureau Report

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