अब दूर होंगी टैक्स संबंधी दिक्कतें, आईटी डिपार्टमेंट ला रहा है ये मोबाइल App…

अब दूर होंगी टैक्स संबंधी दिक्कतें, आईटी डिपार्टमेंट ला रहा है ये मोबाइल App...नईदिल्लीः  इनकम टैक्स भरने को और आसान बनाने के लिए सरकार अब एक नई पहल करने जा रही है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टैक्स अधिकारियों को साफ संदेश दिया है कि उन्हें यह पक्का करने की जरूरत है कि टैक्सपेयर्स डिपार्टमेंट से डरें नहीं. इसी के चलते डिपार्टमेंट अब अपनी छवि दुरुस्त करने के लिए कई तरह की पहल कर रहा है. इन्ही में से एक पहल है एक खास तरह का मोबाइल ऐप बनाने की. जिस पर डिपार्टमेंट काम कर रहा है.

इस ऐप के जरिए टैक्स भुगतान, टैक्स कटौती से लेकर डिपार्टमेंट से तमाम सूचनाओं को मैनेज किया जा सकता है. यह ऐप जल्द उपलब्ध हो सकता है. खबर है कि इसे इनहाउस डिवेलप किया जा रहा है. इकोनोमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने इस ऐप का नाम ‘माय टैक्स’ ऐप  रखा है.  सभी डेटा से एक्सेस की इजाजत देने के साथ डिपार्टमेंट के साथ संवाद में भी मदद करेगा. यानि अब आपकी इनकम से जुड़े सभी आंकड़े जल्द अब आपके मोबाइल में होंगे. 

माय टैक्सऐप में होगा टैक्सपेयर का प्रोफाइल

इस ऐप में टैक्सपेयर का टैक्स प्रोफाइल होगा, जिसमें पैन नंबर समेत टैक्स से जुड़ी उसकी तमाम जानकारियां होंगी. इसमें थर्ड पार्टी की तरफ से काटे गए टैक्स का भी ब्योरा होगा. टैक्सपेयर्स इसके जरिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से पूछे गए सवालों के भी जवाब दे सकेंगे और शिकायत भी कर सकेंगे. यह ऐप सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज की उस कोशिश का हिस्सा है, जिसके तहत टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन को पूरी तरह से बिना दखलंदाजी वाला और टैक्सपेयर फ्रेंडली बनाना है. 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के कस्टमर हैं टैक्सपेयर 

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट इस पहल को लेकर काफी एक्साइटेड है. उसका मानना है कि प्रक्रिया में सहूलियत होने से टैक्सपेयर्स को मदद मिलेगी और ऐसे लोगों को भी जोड़ने में मदद मिलेगी, जो टैक्स अधिकारी के डर से टैक्स नेट के दायरे में नहीं रहे हैं. टैक्स सुधारों को लेकर बनी पार्थसारथी शोम की अगुवाई वाली कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि टैक्स डिपार्टमेंट को टैक्सपेयर्स के साथ कस्टमर्स की तरह पेश आना चाहिए और डिपार्टमेंट ने अब इस मंत्र को पहचान लिया है. 

यह ऑनलाइन स्क्रूटनी समेत बाकी ऐसी गतिविधियों में भी मददगार होगा, जिसके तहत टैक्स अधिकारियों को ईमेल पर ट्राजैक्शंस की डिटेल मांगने और इसका जवाब हासिल करने की इजाजत है. ये नया ऐप ज्यादा पर्सनलाइज्ड होगा यानी इसमें इंडिविजुअल टैक्सपेयर की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाएगा. हालांकि, यह साफ नहीं है कि यह तत्काल टैक्स फाइलिंग फैसिलिटी मुहैया कराने में सक्षम होगा या नहीं.

Bureau Report

 

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