कुंबले ने मांगी थी ज्यादा सैलरी, BCCI ने रवि शास्त्री के लिए खोला खजाना

कुंबले ने मांगी थी ज्यादा सैलरी, BCCI ने रवि शास्त्री के लिए खोला खजानानईदिल्ली: बीसीसीआई ने नए मुख्य कोच रवि शास्त्री को वेतन के रूप में बड़ी राशि देने का फैसला किया है. यह रकम सालाना आठ करोड़ रुपए तक हो सकती है.

ऐसा पता चला है कि बीसीसीआई के आला अधिकारियों में शास्त्री के वेतन को लेकर अपने फैसले में सर्वसम्मति थी. शास्त्री का वेतन पूर्व कोच अनिल कुंबले के वेतन से कम से कम एक करोड़ रुपए अधिक होगा. कुंबले को साढ़े छह करोड़ रुपए वेतन के तौर पर मिलते थे. तीन अन्य कोच- भरत अरुण, आर श्रीधर और संजय बांगर को दो से तीन करोड़ रुपए के बीच मिलने का अनुमान है. दिलचस्प बात है कि कुंबले ने अपना वेतन बढ़ाकर उतना ही करने की मांग की थी, जितना शास्त्री को मिलेगा.

गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने कोच को 7-7.5 करोड़ की सैलरी दिए जाने का प्रस्ताव बीसीसीआई के सामने रखा था. इस तरह से बीसीसीआई ने कुंबले की मांग से थोड़ा अधिक वेतन ऑफर किया है.  

कुंबले ने की थी वेतन बढ़ाने की मांग

अनिल कुंबले ने कुछ समय पहले ही खिलाड़ियों, हेड कोच और स्पोर्टिंग स्टाफ के वेतन बढ़ने को लेकर बीसीसीआई के अधिकारीयों से मुलाकात की थी. इस मुद्दे पर टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी कुंबले के साथ खड़े थे. कुंबले A ग्रेड के खिलाड़ियों के वेतन में 150% इज़ाफे की मांग कर रहे थे. इसके अलावा कुंबले कप्तानी का अतिरिक्त बोझ लेने वाले विराट कोहली के लिए 25% अतिरिक्त कप्तानी फीस और साथ ही टीम के मुख्य कोच होने के नाते चयन समिति में जगह की भी मांग की थी.

डायरेक्टर के पद पर रहते हुए शास्त्री को मिलते थे 7-7.5 करोड़ रुपए 

इससे पहले शास्त्री जब टीम इंडिया के डायरेक्टर थे, तब भी उन्हें 7 से 7.5 करोड़ रुपए का ही भुगतान किया जाता था. इसमें शास्त्री की वह मुआवजा रकम भी शामिल थी, जो उन्हें उनके मीडिया कमिटमेंट्स से हटने के बदले मिलती थी.

शास्त्री को मिला पसंद का स्टाफ, भरत अरुण बने गेंदबाजी कोच 

भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच को लेकर ऊहापोह की स्थिति आखिरकार मंगलवार को खत्म हो गई. मुख्य कोच चुने गए रवि शास्त्री के पसंदीदा भरत अरुण को आधिकारिक तौर पर गेंदबाजी कोच बना दिया गया है. 

बता दें कि शास्त्री वर्ष 2014 से 2016 तक जब भारतीय टीम के  निदेशक थे तब भी अरुण गेंदबाजी कोच थे. विजयवाड़ा के भरत अरुण 80 के दशक में भारत के लिए दो टेस्‍ट और चार वनडे मैच खेल चुके हैं. उन्‍होंने दिसंबर 1986 में श्रीलंका के खिलाफ कानपुर में टेस्‍ट डेब्‍यू किया था. इसी वर्ष उन्‍होंने श्रीलंका के खिलाफ अपने वनडे करियर का आगाज किया था. टेस्‍ट क्रिकेट में 4 और वनडे में एक विकेट उनके नाम पर दर्ज हैं.  

संजय बांगर को बल्लेबाजी कोच के पद पर बनाए रखा गया है. वहीं फील्डिंग कोच आर. श्रीधर भी टीम के साथ बने रहेंगे. 

यह फैसला अमिताभ चौधरी, सीके. खन्ना, बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी और प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना इडुल्जी की नई चार सदस्यीय समिति की शास्त्री के साथ हुई बैठक के बाद लिया गया है. 

बैठक के बाद शास्त्री ने कहा, “मैं अपनी कोर टीम को लेकर काफी साफ था और आपने इसके बारे में अभी सुना.”

इससे पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) ने 11 जुलाई को पूर्व गेंदबाज जहीर खान को टीम के गेंदबाजी सलाहकार और शास्त्री को मुख्य कोच के अलावा राहुल द्रविड़ को विदेशी दौरों (टेस्ट) के लिए बल्लेबाजी सलाहकार नियुक्त करने की सिफारिश की थी.

शास्त्री के चयन के अलावा अन्य किसी के चयन को लेकर स्थिति साफ नहीं थी लिहाजा शास्त्री ने आते ही अपने पसंदीदा अरुण को गेंदबाजी कोच बनाने की वकालत की और सम्भवत: इसके लिए सर्वोच्च न्यायलय द्वारा गठित प्रशासकों की समिति को मना भी लिया.

शास्त्री की दलील थी कि वह जहीर और द्रविड़ का सम्मान करते हैं और हमेशी ही उन्हें सलाहकार के तौर पर देखना चाहेंगे, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में भारतीय टीम को 150 दिनों के लिए नहीं बल्कि 365 दिनों के लिए गेंदबाजी कोच की जरूरत है. उल्लेखनीय है कि जहीर ने 150 दिनों के करार की इच्छा जाहिर की थी.

इससे पहले शास्त्री जब भारतीय टीम के निदेशक थे तब भी अरुण टीम के गेंदबाजी कोच रह चुके हैं. एक बार शास्त्री के आने के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

हालांकि जहीर और द्रविड़ को लेकर अभी भी स्थिति साफ नहीं है. जहीर और द्रविड़ बल्लेबाजी और गेंदबाजी सलाहकार रहेंगे या नहीं इस पर फैसला अभी तक नहीं लिया गया है.

शास्त्री ने इस मुद्दे पर कहा, “सब कुछ उपलब्धता पर निर्भर करता है, यह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है. कितने दिन वह टीम के साथ रहेंगे, लेकिन उनकी सलाह मूल्यवान होगी. मैंने दोनों से व्यक्तिगत रूप से बात की है.”

उन्होंने कहा, “मैं सीएसी का मुझे मुख्य कोच चुनने के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं. भारतीय टीम का मुख्य कोच बनना मेरे लिए गर्व की बात है. इस पद के लिए सीएसी ने मुझे योग्य समझा इसके लिए मैं उनका शुक्रिया अदा करता हूं.”

शास्त्री और उनका सपोर्ट स्टाफ 26 जुलाई से शुरू हो रहे श्रीलंका दौरे से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे. इस दौरे पर टीम को तीन टेस्ट, पांच एकदिवसीय और एक टी-20 मैच खेलना है.

Bureau Report

 

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