UP: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंट

UP: कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया गैर-जमानती वारंटकुशीनगरः उत्तर प्रदेश की सत्तासीन योगी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया है. कुशीनगर की एक स्थानीय अदालत ने सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ वारंट जारी किया है. कसया के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्र मोहन चतुर्वेदी ने सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ जारी इस वारंट के बारे में बताते हुए कहा है कि सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ यह वारंट वर्ष 2007 से चल रहे एक मामले में बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी पेश नहीं होने पर जारी किया गया है.
 
19 फरवरी को कोर्ट में पेश होंगे शाही
मंगलवार (16 जनवरी) को सूर्य प्रताप शाही के खिलाफ एक  मामले पर सुनवाई करते हुए एसीजेएम ने कहा कि किसी भी मामले में कोर्ट के समक्ष ना पेश होना भी अपराध की श्रेणी में आता है. कोर्ट द्वारा बार-बार पेश होने का समन जारी करने के बाद भी सूर्य प्रताप शाही के पेश ना होने पर उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया गया. मंगलवार को कोर्ट द्वारा जारी किए गए आदेश में तामील के लिए कसया एसएचओ को नोटिस जारी कर सूर्य प्रताप को हिरासत में लेने के लिए कहा गया है. एसीजेएम ने कसया थानाध्‍यक्ष को शाही की संपत्ति कुर्क कर उन्हें 19 फरवरी 2018 तक कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 
 
क्या है पूरा मामला
दरअसल यह मामला वर्ष 1994 में सरकारी संग्रह अमीन चन्द्रिका सिंह ने शाही के खिलाफ कोर्ट में दर्ज कराया था. कसया पुलिस थाने में शाही के खिलाफ सरकारी का में बलपूर्वक रुकावट पैदा करने (भारतीय दंड संहिता की धारा 353), आपराधिक मानसिकता से सरकारी काम में बल का प्रयोग करने (धारा 506) के तहत मामला दर्ज कराया गया था.  1994 में मामला दर्ज होने बाद कोर्ट में इसकी सुनवाई 2004 में शुरू हुई थी, जिसके बाद शाही ने कोर्ट में सही समय पर हाजिरी लगाते हुए जमानत करा ली थी. 2004 से लेकर 2007 तक शाही इस मामले में अदालत पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी कोर्ट में हाजिरी नहीं लगाई. 

कौन है सूर्य प्रताप शाही
वर्तमान में सूर्य प्रताप शाही उत्तर प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री हैं. सूर्य प्रताप शाही ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत भाजपा से ही की है, वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के नेता रह चुके हैं. शाही राम जन्मभूमि आंदोलन में भी काफी सक्रिय रहे हैं. वर्ष 1980 में शाही ने पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें शिकस्त का सामना करना पड़ा था. वर्ष 1985 में हुए विधानसभा चुनावों में शाही के खाते में जीत आई और वह दो साल बाद यूपी सरकार में मंत्री भी बन गए. वर्ष 1991 में उन्‍हें गृह राज्‍यमंत्री बनाया गया, वर्ष 1992 में उन्‍होंने स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया. माना जाता है कि शाही पर यह मामला इसी दौरान दर्ज कराया गया था. 

Bureau Report

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