सर्जिकल स्‍ट्राइक करने वाले अफसर ने किया खुलासा, ‘ये निर्णय पूरी तरह राजनीतिक था’

सर्जिकल स्‍ट्राइक करने वाले अफसर ने किया खुलासा, 'ये निर्णय पूरी तरह राजनीतिक था'नईदिल्‍ली: 2016 में हुई सर्जिकल स्‍ट्राइक का वीडियो सामने आने के बाद इस पर राजनीति तेज हो गई है. कांग्रेस इसे भाजपा की चाल बता रही है तो भाजपा कांग्रेस के नेताओं को उनके बयान देने के लिए माफी की मांग कर रही है. लेकिन इस  सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम देने वाले सेना के अफसर ने बड़ा खुलासा किया है. सर्जिकल स्ट्राइक की निगरानी करने वाले अफसर पूर्वी नॉर्दर्न आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुडा ने कहा है कि ये फैसला राजनीतिक नेतृत्व का था.

इस मामले में लगातार बहस जारी है. सभी दल इस मामले पर अपने अपने ढंग से प्रतिक्रि‍या दे रहे हैं. विपक्षी दल इस वीडियो की टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए भाजपा पर निशाना साध रहे हैं. वहीं भाजपा नेता कांग्रेस की आलोचना में लगे हैं. हालांकि अब तक इस बात का पता नहीं लगा है कि ये वीडियो सामने कहां से आया. इस बीच आर्मी कमांडर जनरल (रिटायर्ड) डीएस हुड्डा ने एक बातचीत में कहा है कि, ये फैसला पूरी तरह से राजनीतिक नेतृत्व का था. इस फैसले पर सेना पूरी तरह से सहमत थी, क्योंकि हम कुछ करना चाहते थे. हुड्डा बोले कि अगर हम भविष्य में भी पाकिस्तान को कड़ा जवाब देना चाहते हैं तो ये हम दोबारा भी कर सकते हैं.

इससे पहले बुधवार रात सामने अाए वीडियो के बाद ही आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था. कांग्रेस की ओर से प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने इसके लिए सेना की तो तारीफ की, लेकिन भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि वह सैनिकों की शहादत और बलिदान पर राजनीति करती है.

वहीं भाजपा की ओर से इन आरोपों पर जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लगातार सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठा रही है. इससे पाकिस्तानी आतंकवादियों को खुशी मिल रही होगी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सर्जिकल स्ट्राइक को खून की दलाली कहा था. उनकी माता सोनिया गांधी ने इससे पहले मौत के सौदागर जैसे शब्दों का प्रयोग कर चुकी हैं.

Bureau Report

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